‘हत्या करने वाले का 24 घंटे में…’ एएसआई हरजीत सिंह हत्या में पंजाब पुलिस का एनकाउंटर, आप नेता Anurag Dhanda ने दी जानकारी

Anurag Dhanda: पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी के दौरान मारे गए ASI हरजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिसके बाद अपराधियों के अंदर खौफ बैठ गया है।

Anurag Dhanda

फाइल फोटो

Anurag Dhanda: पंजाब के अमृतसर में ड्यूटी के दौरान मारे गए ASI हरजीत सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वारदात के करीब 48 घंटे के भीतर पुलिस ने मुठभेड़ में एक आरोपी को मार गिराया है। पुलिस के मुताबिक, मारे गए आरोपी की पहचान दीपक सिंह के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। बता दें कि इसकी जानकारी आप के राष्ट्रीय मी़डिया प्रभारी Anurag Dhanda ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है। अपराध के खिलाफ राज्य की पुलिस पूरी तरह से एक्शन मोड़ में है। यह कारण है कि अपराधियों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और गिरफ्तारियां हो रही है।

Anurag Dhanda ने दी अहम जानकारी

आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “ASI की हत्या करने वाले का 24 घंटे में एनकाउंटर मान सरकार का साफ़ संदेश, अपराधी गोली चलाएगा तो बचेगा नहीं”। पुलिस द्वारा दी जानकारी के अनुसार हम ASI हरजीत सिंह की हत्या के मामले पर बहुत गंभीरता से काम कर रहे थे। हमने शहर भर में चेकपॉइंट बनाए थे, जिनमें से एक ठंडा रोड पर भी था। पक्की जानकारी मिलने पर हमने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था… जब हमने ठंडा रोड पर चेकपॉइंट पर संदिग्ध को रुकने का इशारा किया, तो उसने गोली चला दी।

उसने चार राउंड फायरिंग की और हमने बचाव में छह राउंड फायरिंग की। हमारी एक गोली उसे लगी। हमने तुरंत उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई; डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। इस बीच, उसके साथ मौजूद एक और संदिग्ध अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। हम तेज़ी से उसका पीछा कर रहे हैं और हमारी टीमें उसके पीछे लगी हुई हैं; हम उसे जल्द ही पकड़ लेंगे।

पाकिस्तानी कनेक्शन आया सामने

आगे दी जानकारी के अनुसार “विदेश से काम कर रहे पाकिस्तान के एक व्यक्ति ने ही उन्हें बहला-फुसलाकर अपने जाल में फँसाया था। उसने उन्हें पैसे का लालच दिया और नशीले पदार्थों के धंधे में शामिल करने का वादा किया। असल में, उसने उनकी वफ़ादारी का सबूत माँगा ताकि वे उसके कंट्रोल और दबाव में बने रहें। उसने उन्हें एक अकेले पुलिस अफ़सर को निशाना बनाने, उसकी हत्या करने और इस घटना का वीडियो बनाने का काम सौंपा।

उन्होंने हरजीत सिंह का वीडियो तब बनाया जब वे ज़मीन पर गिरे हुए थे और वह फ़ुटेज उस साइट पर भेज दिया। जब उनके मोबाइल फ़ोन की फ़ोरेंसिक जाँच होगी, तो वह वीडियो मिल जाएगा। हम उनके लोकेशन कोऑर्डिनेट्स का इस्तेमाल करके एक पक्का लिंक भी साबित करेंगे और कोर्ट में एक मज़बूत केस पेश करेंगे।

 

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