Anurag Dhanda: गुजरात में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने इस मामले में अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आवाज दबाने के लिए सरकार प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग कर रही है। दरअसल गुजरात के गुजरात के मोरबी में अपने खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइनों का विरोध कर रहे किसानों और महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बेरहमी से लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
क्या है पूरा मामला
गुजरात के आप नेता चैतर वसावा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “गुजरात के मोरबी में अपने खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइनों का विरोध कर रहे किसानों और महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बेरहमी से लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
गुजरात के मोरबी में अपने खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइनों का विरोध कर रहे किसानों और महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बेरहमी से लाठीचार्ज बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
यह सरकार अन्नदाताओं की समस्याओं को समझने के बजाय सिर्फ पूंजीपतियों के फायदे के लिए जनता पर क्रूरता कर रही है।… pic.twitter.com/QJuBAEuFna
— Chaitar Vasava AAP (@Chaitar_Vasava) June 10, 2026
यह सरकार अन्नदाताओं की समस्याओं को समझने के बजाय सिर्फ पूंजीपतियों के फायदे के लिए जनता पर क्रूरता कर रही है। लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से हो रहे प्रदर्शनों को बलपूर्वक रोकना और मारपीट करना बंद करे, किसान विरोधी यह रवैया बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”।
Anurag Dhanda ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “गुजरात के किसानों पर बीजेपी सरकार का अत्याचार लगातार बढ़ रहा है। लगता है बीजेपी के जाने का समय निकट आ गया है”। गौरतलब है कि किसानों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर कई विपक्षी दलों ने भी भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है।
गुजरात के किसानों पर बीजेपी सरकार का अत्याचार लगातार बढ़ रहा है। लगता है बीजेपी के जाने का समय निकट आ गया है। https://t.co/zJk39Tho5p
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) June 10, 2026
विपक्षी नेताओं का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए था, न कि बल प्रयोग के माध्यम से। विपक्ष ने सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
