Asaduddin Owaisi: कई महीनों से लंबित वंदे मातरम बिल दोनों सदनों में पास हो चुका है। वहीं अब इस मामले पर विपक्षी पार्टियों की भी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। बताते चले कि इस बिल पर एआईएमआईएम के मुखिया Asaduddin Owaisi ने जोरदार प्रतिक्रिया दी है और केंद्र सरकार पर जोरदार तंज कसा है। गौरतलब है कि इस बिल को लेकर लगातार जुबानी जंग जारी थी, लेकिन अंत में दोनों सदनों में यह बिल पास हो गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।
बिल पास होने पर Asaduddin Owaisi का जोरदार तंज
वंदे मातरम बिल पर Asaduddin Owaisi ने इस मामले पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “जब आप ‘जन गण मन’ गाते हैं, तो आपको उसमें क्या दिखता है? आपको यह देश और इसके लोग दिखते हैं। जब आप ‘वंदे मातरम’ गाते हैं, तो उसमें देवी-देवताओं की पूजा शामिल होती है। अब, आप उन ‘मुजाहिदीन-ए-आज़ादी’ (स्वतंत्रता सेनानियों) के बारे में क्या कहेंगे जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी?
#WATCH | Delhi. On Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 passed in Rajya Sabha, AIMIM MP Asaduddin Owaisi says, “When you sing ‘Jana Gana Mana’, what do you see in it? You see this country and its people. When you sing ‘Vande Mataram’, it involves the… pic.twitter.com/Bl9DVKD4xM
— ANI (@ANI) July 30, 2026
‘जन गण मन’ लोगों के लिए लिखा गया था। मेरा मानना है कि राजेंद्र प्रसाद ने 1950 में एक बड़ी गलती की; उन्होंने बिना किसी औपचारिक प्रस्ताव के इसे ‘राष्ट्रीय गीत’ घोषित कर दिया, जबकि इसके लिए एक प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए था। ‘राष्ट्रीय गीत’ की परिभाषा कहीं भी नहीं दी गई है। आप केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का उल्लंघन कर रहे हैं।”
क्या यूपी चुनाव पर पड़ेगा असर?
बता दें कि इस बिल को लेकर बड़े मुस्लिम नेता और विपक्षी पार्टियां इस बिल का विरोध कर रहे थे, लेकिन अब यह बिल दोनों सदनों में पास हो चुका है। वहीं अब इस मामले पर सपा सांसद जियाउर्रहमान ने कहा कि “देश में बड़ी मुस्लिम आबादी है, इसलिए उनकी भावनाओं और चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बिल के जरिए सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करना चाहती है।
दिल्ली: सपा सांसद जियाउर्रहमान ने वंदे मातरम बिल पर कहा, “…देश में बड़ी मुस्लिम आबादी है, इसलिए उनकी भावनाओं और चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस बिल के जरिए सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करना चाहती है। मैं हिंदू समाज से पूछना चाहता हूं कि इससे उनके बच्चों को… pic.twitter.com/G8wGqov5tA
— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 30, 2026
मैं हिंदू समाज से पूछना चाहता हूं कि इससे उनके बच्चों को न रोजगार मिलेगा, न भ्रष्टाचार खत्म होगा, न महंगाई कम होगी या न नीट जैसी समस्याओं का समाधान होगा। यह केवल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। हम मुस्लिम राष्ट्रगान का विरोध नहीं करते हैं। हम उसे गाते हैं, उससे प्यार करते हैं।
राष्ट्रगीत में जो शब्द हैं, उससे हमारे धर्म का टकराव होता है”। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बिल का यूपी चुनाव पर असर पड़ सकता है। बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव होने में महज कुछ ही महीनों का बच गया है।







