Bhupen Borah: दशकों पहले 1994 का वो दौर असम के लिहाज से बेहद अहम था। कई आंतरिक समस्याओं का सामना करते हुए असम कांग्रेस उभर रही थी। उसी दौर में आत्मविश्वास से भरा छात्र राजनीति की उपज एक नौजवान चेहरा कांग्रेस की विचारधारा से जुड़ता है। नाम भूपेन बोरा जो आज 2026 में पूर्व कांग्रेस नेता हो गए हैं।
भूपेन बोरा ने असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले गांधी परिवार को झटका देते हुए गृह मंत्री अमित शाह और सीएम हिमंत बिस्व सरमा से मुलाकात की है। नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात ने इंदिरा भवन के साथ असम के सियासी गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का साथ छोड़ने वाले भूपेन बोरा ने कई राज खोले हैं। उन्होंने बताया है कि कैसे काग्रेस को दिए 32 साल पर पिछले 32 घंटे भारी पड़े हैं।
गांधी परिवार को झटका देकर गृह मंत्री से मिले Bhupen Borah
कांग्रेस अभी प्रियंका गांधी को असम का प्रभारी बनाकर विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस ही रही थी कि भूपेन बोरा ने गांधी परिवार को झटका दे दिया। लगभग 32 वर्षों तक कांग्रेस से जुड़े रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर अमित शाह से मुलाकात की है। भूपेन बोरा की दिल्ली में गृह मंत्री संग हुई मुलाकात के सूत्रधार सीएम हिमंत बिस्व सरमा रहे हैं।
“32 years vs 32 hours —
the difference is visible.
Grateful to the Hon’ble Union Home Minister Sjt. @AmitShah Ji for yesterday’s meeting, and to our Hon’ble Chief Minister Sjt. @himantabiswa deu for visiting my residence the day before.
Change brings clarity.” pic.twitter.com/KTQqo0k0BT
— Bhupen kumar Borah (@BhupenKBorah) February 20, 2026
32 वर्ष कांग्रेस को देने वाले भूपेन बोरा के पिछले 32 घंटे बेहद अहम रहे हैं। इसका जिक्र उन्होंने खुद ही किया है। भूपेन बोरा ने बताया है कि कैसे 32 वर्ष तक जिस पार्टी के साथ रहे और अब उनके पिछले 32 घंटों में क्या फर्क रहा है। कांग्रेस छोड़ने वाले दिग्गज नेता का कदम गांधी परिवार के लिए बड़ा झटका है जो 2016 में असम की सत्ता गवाने के बाद वापसी को आतुर है।
असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस खेमे में बढ़ी हलचल!
एंटी इनकंबेंसी के सहारे कांग्रेस असम की सत्ता में वापसी की संभावनाएं तलाश रही है। 2016 में बीजेपी ने बहुमत के साथ असम में सरकार बनाया था जो 2021 में भी सत्ता वापसी में सफल रही। अब 2026 का दौर आ गया है और एक बार फिर विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच कांग्रेस जहां एक ओर 10 वर्ष बाद सत्ता वापसी की संभावनाएं तलाश रही है। वहीं बीजेपी तीसरी बार असम की सत्ता में वापसी कर पूर्वोत्तर का ये किला फतह करने की योजना पर काम कर रही है।
कांग्रेस को भूपेन बोरा के इस्तीफे से झटका लग चुका है। अब कांग्रेस पूर्णत: गौरव गोगोई और रकीबुल हुसैन के नेतृत्व में असम का चुनाव लड़ेगी। प्रियंका गांधी बतौर प्रभारी असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए रणीनीति बनाएंगी। इन तमाम समीकरणों पर भूपेन बोरा का इस्तीफा कांग्रेस के लिए झटका है जिसको लेकर अंदरखाने हलचल भी मची है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव पर किसका क्या असर पड़ता है।






