PM Modi ने हासिल किया एक और नया कीर्तिमान, इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का तोड़ा रिकॉर्ड, जानें सबकुछ

PM Modi ने और कीर्तिमान हासिल कर लिया है। लगातार पीएम पद पर रहने के मामले में उन्होंने पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया।

PM Modi

फाइल फोटो

PM Modi: भारत के प्रधानमंत्री ने एक और नया कीर्तिमान रच दिया है। बता दें कि वह देश के पहले प्रधानमंत्री बन चुके है, जो इतने सालों तक पीएम रहे हो। यह खिताब पहले पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू के नाम था, लेकिन अब यह रिकॉर्ड PM Modi के नाम हो चुका है।

यह कहना गलत नहीं होगा कि इन 12 सालों में भारत तेजी से आगे बढ़ा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर विकास तक हर क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है, जिसका असर देखने को मिल रहा है। मालूम हो प्रधानमंत्री मोदी जी ने 9 जून 2024 को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

PM Modi ने तोड़ा जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड

13 मई 1952 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। अगर उनके कार्यकाल की बात करें तो वह प्रधानमंत्री की कुर्सी पर 27 मई 1964 तक रहे थे। यानि 12 साल और कुछ दिन, वहीं PM Modi की बात करें तो उन्होंने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, और आजतक वह इस कुर्सी पर विराजमान है।

वहीं अब लगातार देश का निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के मामले में पीएम मोदी जवाहरलाल नेहरू से आगे निकल चुके हैं। इससे पहले उन्होंने 2025 में ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

इन 12 सालों में भारत को मिली नई गति

गौरतलब है कि PM Modi की अगुवाई में इन 12 सालों में भारत ने कई नए कीर्तिमान रचे है। चाहे वह आत्मनिर्भर भारत हो या फिर मेक इन इंडिया हो। इसके अलावा कई योजनाओं ने किसानों, युवाओं और महिलाओं को एक नई दिशा दिखाई है।

अगर इन 12 सालों की बात करें तो इसमे – डिजिटल इंडिया अभियान का विस्तार, जीएसटी लागू करना, आत्मनिर्भर भारत मिशन, मेक इन इंडिया को बढ़ावा, इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में रिकॉर्ड निवेश, रेलवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर जोर समेत वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका शामिल है।

विदेश नीति के क्षेत्र में भारत ने अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसके साथ ही भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में भी उभरा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि दुनिया भारत को एक उम्मीद से देख रही है।

 

 

 

 

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