Ram Mandir Chanda Chori: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर चंदा विवाद से सियासत पूरी तरह से गरमा चुकी है। पूरा विपक्ष बीजेपी सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। हालांकि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में तुरंत जांच के आदेश दे दिए थे। जिसके बाद एसाआईटी का गठन किया गया और टीम द्वारा एक रिपोर्ट पेश की गई।
रिपोर्ट पेश करने के तुरंत बाद कुछ लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है और अभी तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े साम्राज्य का खुलासा कैसे हुआ और अभी इससे जुड़ी ताजा अपडेट क्या है?
Ram Mandir Chanda Chori का कैसे हुआ खुलासा
बता दें कि 7 जून 2026 को समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर के दानपात्र से प्राप्त धनराशि के प्रबंधन में गड़बड़ी हुई है और करोड़ों रुपये के हिसाब-किताब पर सवाल उठाए। इसके अलावा ट्रस्ट की तरफ से इसे पूर्ण रूप से खारिज कर दिया गया था।
विवाद तेजी से बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक एसआईटी का गठन कर दिया। वहीं कमेटी की रिपोर्ट में कई तरह की गड़बड़ियां पाई गई, जिसके बाद 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अब खबर तो यह भी सामने आ रहा है कि ट्रस्ट के कुछ प्रमुख लोगों ने इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में Ram Mandir Chanda Chori मामले में और खुलासे हो सकते है।
चंदा चोरी मामले में क्या बोले अरविंद केजरीवाल?
अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी को लेकर हुई एफआईआर पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “हम बड़े नामों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई चाहते हैं। सिर्फ़ छोटे लोगों की गिरफ़्तारी से कुछ नहीं होगा। जो बड़े लोग इसमें शामिल हैं, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए। तभी लोग संतुष्ट होंगे।
#WATCH | FIR in alleged Ayodhya Ram Mandir donations embezzlement | Lucknow, UP: AAP national convener Arvind Kejriwal says, “We want stringent action against the big names. Mere arrest of the smaller names will not do anything. Action should be taken against the bigger names who… pic.twitter.com/VYBbwBaaPF
— ANI (@ANI) June 26, 2026
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफ़े पर वे कहते हैं, “इस बारे में अफ़वाहें हैं, असलियत कोई नहीं जानता। लेकिन इस्तीफ़े से कोई फ़ायदा नहीं होगा। चोरी में शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए”।






