Artificial Intelligence: एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की फील्ड में सिर्फ अमेरिका और चीन ही नहीं, बल्कि भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार एआई स्टार्टअप्स और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए काफी जोर दे रही है। ऐसे में अब राज्य सरकारें भी एआई सेक्टर में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही हैं। ताजा उदाहरण कर्नाटक सरकार का ऐतिहासिक फैसला है। जी हां, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य के 12 लाख से ज्यादा छात्रों के लिए एआई ट्यूटर की घोषणा की है। कांग्रेस सरकार के इस कदम से लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सकता है।
Artificial Intelligence को लेकर कर्नाटक सरकार का ऐतिहासिक फैसला
‘Hindustan Times’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को 2026-27 के बजट के दौरान कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों के लिए एआई एजुकेशन इनिशिएटिव के साथ एक डिजिटल ट्यूटर, रिसर्च, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और एक नया रोबोटिक्स कैंपस का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, ‘सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी धारवाड़ के साथ मिलकर क्लास 8 से 12 तक के स्टूडेंट्स के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित पर्सनलाइज्ड डिजिटल ट्यूटर शुरू करेगी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आईआईटी धारवाड़ के साथ मिलकर, एआई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके एक पर्सनलाइज्ड सेल्फ-लर्निंग डिजिटल ट्यूटर सुविधा क्लास 8 से 12 तक के लगभग 12.28 लाख स्टूडेंट्स को 5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से दी जाएगी।’
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से मिलेगी छात्रों को पर्सनलाइज्ड एजुकेशन
कर्नाटक सरकार की इस पहल के पीछे मकसद साफ है कि आने वाले टाइम में छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की सटीक और अच्छा जानकारी हो। इसलिए सरकार एआई ट्यूटर प्रोग्राम के साथ छात्रों को पर्सनलाइज्ड शिक्षा देने जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों को नई टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाएगा। साथ ही प्रदेश को एआई और तकनीकी हब बनाया जाएगा।
बताया जा रहा है कि सरकार ने इसके साथ कई नई पहले भी शुरू की है। इसमें 50 सरकारी कॉलेजों में एआई डेटा लैब्स को विकसित किया जाएगा। पॉलिटेक्निक में एआई, मशीन लर्निंग और क्लाउड कंप्यूटिंग कोर्स को शामिल किया जाएगा। राज्य के स्कूलों में एआई आधारित फैशियल रिकॉग्नाइजेशन हाजिरी सिस्टम को लगाया जाएगा। एआई ट्यूटर हर छात्र के लर्निंग लेवल के अनुसार पढ़ाई कराएगा। साथ ही कठिन विषयों में डिजिटल मदद और अभ्यास भी मिलेगा। इसके अलावा, छात्रों की प्रगति के आधार पर कस्टम सुझाव और टेस्ट भी लिए जाएंगे।





