Artificial Intelligence: आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंटरनेट पर हर कोई एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात कर रहा है। तेजी से एडवांस होती एआई तकनीक लोगों की दिनचर्या का भी अहम हिस्सा बनती जा रही है। इतना ही नहीं, एआई अब कोडिंग भी कर रहा है। ऐसे में बड़े-बड़े इंजीनियरों के बीच में अपनी नौकरी को लेकर टेंशन पैदा हो गई है। साथ ही कई टेक एक्सपर्ट भी एआई की पावर से लोगों की नौकरी जाने का दावा कर रहे हैं। मगर इसी बीच मशहूर कंपनी विप्रो के तकनीक अधिकारी हरि शेट्टी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है।
Artificial Intelligence की वजह से आईटी कंपनियों के काम में होगा इजाफा
‘Reuters’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विप्रो के टेक्नोलॉजी ऑफिसर हरि शेट्टी ने दावा किया है कि मौजूदा एआई का बूम लगभग अगले 2 दशकों तक जारी रह सकता है। मगर फिर भी एआई भारत के आईटी सेक्टर में नौकरियों को खत्म नहीं करेगा। बल्कि कई सारी नई जॉब्स को पैदा करेगा। ऐसे में इंडियन आईटी सेक्टर को एआई से परेशान होने की जरूरत नहीं है। एआई की वजह से आईटी कंपनियों को वर्तमान के मुकाबले अधिक काम मिलेगा।
एक तरफ जहां हर कोई एआई की वजह से नौकरियां कम होने दावा कर रहा है, वहीं, विप्रो के सीटीओ हरि शेट्टी ने बड़ा दावा करते हुए कहा, एआई आईटी इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा मौका साबित हो सकता है। एआई को लेकर होने वाली बहस अक्सर नौकरी जाने पर ही अटक जाती है, जबकि यह नजरअंदाज कर दिया जाता है कि यह कंपनियों द्वारा आईटी पार्टनर्स से करवाए जाने वाले काम को कितना बदल सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दौर में ये आईटी स्किल्स रहेंगी मायने
विप्रो के सीटीओ हरि शेट्टी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के दौर में अगर आपके पास ये स्किल्स हैं, तो आपको नौकरी की चिंता नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, ‘भारत के आईटी सेक्टर में उन स्किल्स की मांग बढ़ेगी, जो पारंपरिक प्रोग्रामिंग से आगे की हों, जिसमें मॉडल ट्रेनिंग, डेटा क्यूरेशन और ज़िम्मेदार एआई प्रैक्टिस शामिल हैं।
यहां मुख्य अंतर यह है कि कौन लोग एआई जानते हैं और कौन लोग एआई नहीं जानते है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘विप्रो लगातार उन युवा इंजीनियरों को नौकरी पर रख रही है, जो एआई टूल्स के साथ आसानी से काम करना जानते हैं। आगे आने वाले टाइम में आईटी सेक्टर में एआई की वजह से रोजगार में कमी नहीं, बल्कि काम का दायरा बढ़ेगा।’






