ChatGPT: चाहे स्कूल का काम हो, या फिर ऑफिस का कोई टास्क, अधिकतर लोग आज चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इंटरनेट पर आपने कई बार सुना या पढ़ा होगा कि एआई मॉडल्स किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए बड़ी मात्रा में पानी पीते हैं। ऐसे में लोगों द्वारा पूछे गए एक सवाल के बदले चैटबॉट मॉडल काफी पानी बर्बाद करते हैं। इसके अलावा भी सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे अक्सर सामने आते रहते हैं। क्या चैटजीपीटी एक प्रश्न का जवाब देने के बदले 17 गैलन पानी का इस्तेमाल करता है? ओपनएआई प्रमुख सैम ऑल्टमैन ने चैटजीपीटी मॉडल को लेकर चल रहे इस दावे पर बड़ा खुलासा किया है।
ChatGPT करता है पानी की बर्बादी? सैम ऑल्टमैन ने दिया यह जवाब
‘Express Adda’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सैम ऑल्टमैन ने कहा, ‘हम डेटा सेंटर में इवैपोरेटिव कूलिंग करते थे, लेकिन अब हम ऐसा नहीं करते हैं। आप इंटरनेट पर ऐसी चीजें देखते हैं जहां चैटजीपीटी का इस्तेमाल न करें, हर क्वेरी के लिए 17 गैलन पानी लगता है या कुछ और, यह पूरी तरह से झूठ है। पूरी तरह से पागलपन। इसका असलियत से कोई लेना-देना नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन जो सही है वह है एनर्जी की खपत, हर सवाल के हिसाब से नहीं, बल्कि कुल मिलाकर, क्योंकि दुनिया अब इतना अधिक एआई इस्तेमाल कर रही है, यह सच है और हमें बहुत तेजी से न्यूक्लियर या विंड और सोलर एनर्जी की तरफ बढ़ना होगा।’ चैटजीपीटी मेकर ने यह जवाब ऐसे समय में दिया है, जब दुनियाभर में एआई मॉडल्स को ट्रेनिंग देने में लगने वाले एनर्जी रिसोर्स की मात्रा पर तीखी बहस चल रही है।
चैटजीपीटी के लिए यूज होती है एडवांस तकनीक
‘CNBC’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘डेटा सेंटर लंबे समय से पानी का बहुत अधिक इस्तेमाल करते रहे हैं, और सर्वर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को ज्यादा गरम होने से बचाने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, कूलिंग डिजाइन में तरक्की का मतलब है कि अब अधिक से अधिक नई फैसिलिटी पानी पर आधारित सिस्टम पर बिना किसी निर्भरता के काम कर रही हैं।’
ऐसे में अब आप जान गए होंगे कि चैटजीपीटी को लेकर इंटरनेट पर किए जा रहा दावा पूरी तरह से भ्रामक है। चैटजीपीटी एआई मॉडल किसी एक सवाल के बदले में 17 गैलन पानी का इस्तेमाल नहीं करता है।






