Balochistan News: पड़ोसी मुल्क की हुकूमत अपने ही आवाम के समक्ष लाचार हो गई है। पीएम शहबाज शरीफ के साथ आसिम मुनीर भी आम आवाम के निशाने पर हैं। दरअसल, बलूचिस्तान में मुनीर सेना के नाक के नीचे बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए के लड़ाकों ने हमला किया। बीएलए के हमलों में 50 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
इसके बाद पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का ये कहना कि बलूचिस्तान पर नियंत्रण आसान नहीं है, मुल्क की बेबसी को दर्शाता है। ये संकेत देता है कि कश्मीर का सपना देखने वाली पाकिस्तान की सेना और हुक्मरानों के लिए कैसे बीएलए सिरदर्द बना है। इस घटनाक्रम में अब आगे क्या हो सकता है इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
कश्मीर का सपना देखने वाली सेना और हुक्मरानों के लिए सिरदर्द बना BLA!
ये जगजाहिर है कि पड़ोसी मुल्क की नियत कश्मीर के प्रति बहुत खराब है। उन्हीं नापाक इरादों के कारण पाकिस्तान ने कश्मीर को नुकसान पहुंचाने की कोई कसर नहीं छोड़ी है। हालांकि, कश्मीर का सपना देखने वालों के लिए अपने ही मुल्क में सिरदर्दी बढ़ गई है। आसिम मुनीर के साथ पीएम शहबाज शरीफ के समक्ष बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाके चुनौती पेश कर रहे हैं।
हाल ही में बीएलए ने पाकिस्तान के आधिपत्य वाले बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में घुसकर हमलों को अंजाम दिया है। 12 अलग-अलग ठिकानों पर हुए इन हमलों में 50 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा है। इससे पहले भी कई मौकों पर बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तानी सेना को निशाने पर ले चुकी है। ये दर्शाता है कि कश्मीर का सपना देखने वाले पड़ोसी मुल्क के लिए किस कदर बीएलए सिरदर्द बनता जा रहा है।
लाचार हुए पीएम शहबाज और आसिम मुनीर!
मुल्ला मुनीर की पदवी भले ही बढ़ गई हो, लेकिन उनकी लाचारी आज भी बरकरार है। बलूच लड़ाकों के आगे मुनीर सेना और पाकिस्तानी हुकूमत सरेंडर की भाव में नजर आती है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इसकी झलक देखने को मिली थी जब पाकिस्तानी सेना पर बलूच लड़ाकों ने कहर बरपाया था। एक ओर भारतीय सेना पाकिस्तान को सबक सिखा रही थी, दूसरी ओर बलूच लड़ाके भी मौके पर चौका लगा रहे थे।
इसके बावजूद पीएम शहबाज और मुनीर कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं हैं। आलम ये है कि बीएलए ने फिर मुनीर सेना पर पलटवार कर उन्हें झटका दे दिया है। ख्वाजा आसिफ खुद बेबस भाव में अपनी परेशानी का जिक्र कर चुके हैं। ये पाकिस्तानी सेना के साथ हुकूमत की लाचारी को दर्शाता है जिसकी आलोचना दुनिया भर में हो रही है।
