Donald Trump: अमेरिका एक बार फिर भारत पर टैरिफ लगा सकता है। इस बार ये टैरिफ 20 या 30 प्रतिशत नहीं पूरे 100 प्रतिशत तक हो सकता है। बता दें कि अमेरिकी संसद में यह बिल पास हो चुका है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि आने वाले दिनों भारत और अमेरिका के रिश्तें और खराब हो सकते है।
मालूम हो कि Donald Trump ने साफ तौर पर कह दिया था कि रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। जिसमे भारत, चीन जैसे कई देश शामिल है। अगर भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाता है तो कई क्षेत्रों में इसका असर पड़ सकता है।
Donald Trump भारत पर फोड़ेंगे 100 प्रतिशत टैरिफ बम!
अमेरिकी संसद के निचले सदन ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर कार्रवाई से जुड़े बिल को पास कर दिया है। बिल के पक्ष में 262 और विरोध में 159 वोट पड़े। माना जा रहा है कि ट्रंप अब भारत समेत दुनिया के कई देशों पर टैरिफ बम फोड़ सकते है। वहीं भी 100 प्रतिशत तक।
वहीं अब विपक्ष ने भी केंद्र सरकार को घेरना चालू कर दिया है। पिछले महीने US सीनेट से पास हुए ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को बुधवार शाम हाउस ने 262-159 वोटों से मंजूरी दे दी और अब यह कानून बनने के लिए ट्रंप के पास जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खरगे का केंद्र सरकार पर तंज
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खरगे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “नरेंद्र मोदी जी आपके प्यारे दोस्त “अबकी बार ट्रंप सरकार” की बात आप मान लेते हैं, आप झुक जाते हैं और नतीजा 140 करोड़ भारतीयों को भुगतना पड़ता है। भारतीय सामान पर अमेरिका द्वारा 100% तक टैरिफ लगाने की धमकी यह दिखाती है कि आपकी सरकार की विदेश और व्यापार नीतियां बुरी तरह नाकाम रही हैं।
.@narendramodi ji,
Your dear friend “Abki Baar Trump Sarkar” dictates, you capitulate and 140 Cr Indians are left to bear the consequences!
The threat of up to 100% US tariffs on Indian goods shows how your Govt’s Foreign and Trade policies have miserably failed!!…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) September 16, 2026
फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग का सामान, केमिकल, ऑटो पार्ट्स, रत्न और आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर को टैरिफ का ज़बरदस्त झटका लग सकता है। पहले 25% टैरिफ लगा, फिर 50% और अब 100% टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच, मोदी सरकार एक ऐसे ट्रेड फ्रेमवर्क पर सहमत हो गई जिससे अमेरिकी कंपनियों की भारत के कृषि उत्पादों तक पहुंच बढ़ जाएगी, और ऐसा करके हमारे किसानों के हितों को दांव पर लगा दिया गया”।







