Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक बार फिर भारत और पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ी ट्रेड डील हो सकती है। हालांकि बीते कई महीनों से यही स्थिति बनी हुई है। बीते दिन एक बार Donald Trump ने पीएम मोदी की तारीफ की है और अपना दोस्त बताया है। हालांकि ट्रंप कब क्या कहते है उनके बात पर भरोसा करना थोड़ा कठिन है। इससे पहले ट्रंप भारत समेत दुनिया के 60 देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति टैरिफ बम फोड़ने का विचार कर रहे है।
पीएम मोदी को लेकर क्या बोले Donald Trump?
बीते दिन Donald Trump ने अपने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “कई सालों तक भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया। उन्होंने हम पर भारी टैरिफ लगाए और बदले में कुछ नहीं दिया।
#WATCH | President Donald Trump says, “For years, India took advantage of the United States… They charged us tremendous tariffs and paid nothing… Now it is the exact reverse and we are making a lot of money with India. But we will get to a deal because I like your Prime… pic.twitter.com/IR2x2MqUV5
— ANI (@ANI) June 4, 2026
अब स्थिति बिलकुल उलट है और हम भारत से खूब पैसा कमा रहे हैं। लेकिन हम समझौता जरूर कर लेंगे क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं। वे मेरे अच्छे दोस्त हैं और हमारे संबंध अच्छे हैं। हमारे बीच अच्छे संबंध हैं।” माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच डील देखने को मिल सकती है। हालांकि ट्रंप ने साफ तौर पर कहा कि भारत के टैरिफ से अमेरिका को काफी फायदा पहुंच रहा है।
क्या दोनों देशों के बीच हो जाएगी डील?
भारत को लेकर ट्रंप लगातार अपना बयान बदलते रहते है, कभी वह भारत को डेड इकोनॉमी बताते है तो कभी वह भारत पर अधिक टैरिफ लगाने की बात करते है। इसके इतर कभी वही पीएम मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते है और डील करने की बात करते है।
यानि Donald Trump की किसी भी बात पर भरोसा करना थोड़ा मुश्किल है, जबतक वह पूरा ना हो जाए। एक तरफ तो ट्रंप भारत के साथ डील करने की बात कर रहे है तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका भारत समेत दुनिया के करीब 7 देशों पर टैरिफ लगाने की बात कर रहा है।
हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका और भारत के साथ डील होती है या फिर दोनों देशों को एक बार फिर इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं अगर यह डील हो जाती है तो सबसे ज्यादा दिक्कतें पाकिस्तान की बढ़ सकती है। एक्सपर्ट का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग और मजबूत होता है, तो क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।





