Donald Trump: बता दें कि हाल ही में अफ़ग़ान नागरिक द्वारा गोली मारे गए दो नेशनल गार्ड सैनिकों में से एक की मौत हो गई थी। जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी तरह से आगबबूला नजर आ रहे है। ट्रंप सरकार 19 देशों के ग्रीन कार्ड धारकों की जांच करेगी। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट किया है। जिसमे उन्होंने लिखा कि “मैं अमेरिकी प्रणाली को पूरी तरह से ठीक होने देने के लिए सभी तीसरी दुनिया के देशों से प्रवासन को स्थायी रूप से रोक दूंगा”। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इससे डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ सकती है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Donald Trump के पोस्ट से कई देशों में हड़कंप
नेशनल गार्ड सैनिकों पर अफ़ग़ान नागरिक द्वारा हमला करने का मामला अमेरिका में पूरी तरह से गरमाया है। इसकी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ऐसा ट्वीट किया है। जिसने कई देशों की नींद उड़ा दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “मैं अमेरिकी व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल करने के लिए सभी तीसरी दुनिया के देशों से होने वाले प्रवासन को स्थायी रूप से रोक दूँगा, लाखों बाइडेन द्वारा अवैध रूप से किए गए प्रवेशों को रद्द करूँगा, जिनमें स्लीपी जो बाइडेन के ऑटोपेन द्वारा हस्ताक्षरित प्रवेश भी शामिल हैं, और उन सभी को हटा दूँगा जो संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए शुद्ध संपत्ति नहीं हैं, या हमारे देश से प्रेम करने में असमर्थ हैं।
हमारे देश के गैर-नागरिकों को मिलने वाले सभी संघीय लाभ और सब्सिडी समाप्त कर दूँगा, घरेलू शांति को भंग करने वाले प्रवासियों को अप्राकृतिक कर दूँगा, और ऐसे किसी भी विदेशी नागरिक को निर्वासित कर दूँगा जो सार्वजनिक बोझ, सुरक्षा जोखिम, या पश्चिमी सभ्यता के अनुकूल न हो। इन लक्ष्यों का पीछा अवैध और विघटनकारी आबादी में भारी कमी लाने के उद्देश्य से किया जाएगा, जिनमें अनधिकृत और अवैध ऑटोपेन अनुमोदन प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश पाने वाले लोग भी शामिल हैं। केवल रिवर्स माइग्रेशन ही इस स्थिति का पूरी तरह से समाधान कर सकता है”।
डोनाल्ड ट्रंप की इस चेतावनी से क्या होगा भारत पर असर?
गौरतलब है कि ट्रंप सरकार के िस चेतावनी के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भारत पर भी इसका असर पड़ेगा। तो हम आपको बता दें कि संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने वाले भारतीय नागरिक इस नई कार्रवाई से प्रभावित नहीं होंगे। संशोधित नीति विशेष रूप से 19 “उच्च जोखिम वाले देशों” के ग्रीन कार्ड धारकों और आवेदकों पर लागू होती है। ये देश हैं- अफ़ग़ानिस्तान, म्यांमार, बुरुंडी, चाड, कांगो गणराज्य, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेज़ुएला और यमन है।।






