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India Canada Row: निज्जर हत्याकांड मामले में फ़ाइव आइज़ क्यों कर रहे है कनाडा का समर्थन? जानें क्यों बढ़ता जा रहा है कूटनीतिक विवाद

India Canada Row: पिछले साल खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही कनाडा और भारत में तनातनी देखी जा सकती है।

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By: Anurag Tripathi

Published: अक्टूबर 17, 2024 11:36 पूर्वाह्न

India Canada Row
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India Canada Row: भारत और कनाडा के रिश्तों में लगातार खटास बढ़ती जा रही है। मालूम हो कि पिछले साल खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से ही कनाडा और भारत में तनातनी देखी जा सकती है। वहीं अब दोनों देशों के राजनियक रिश्तें टूट के कगार पर पहुंचते दिख रहे है। मालूम हो कि भारत ने कनाडा से अपने राजनयिकों को बुलाने का फैसला किया है, वहीं कनाडा के राजनयिकों को भी भारत ने देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। इसी बीच इस मामले में फाइव आइज की एंट्री हो गई है। बता दें कि फाइव आइज में न्यूजीलैंड, कनाडा, यूएस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया शामिल है। चलिए आपको बताते है कि आखिर फाइव आइज का भारत को लेकर क्या रूख है।

कौन से देश फाइव आइज में शामिल?

आपको बता दें कि फाइव आइज में न्यूजीलैंड, कनाडा, यूएस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया शामिल है। मालूम हो कि फाइव आइज दुनिया भर में जासूसी करने के लिए पांच देशों द्वारा मिलकर बनाया गया एक गुट है. इस जासूसी से मिले इनपुट को ये पांच देश आपस में साझा करते हैं।

यूएस ने India Canada Row पर क्या कहा?

आपको बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने 15 अक्टूबर को कहा था कि “भारत पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर है। हम चाहते हैं कि भारत सरकार कनाडा के साथ जांच में मदद करे। निश्चित तौर पर उन्होंने ऐसा नहीं किया है। उन्होंने वैकल्पिक रास्ता चुना है।”

भारत के लिए क्या है ब्रिटेन का रूख

कई मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कनाडा ने अपना समर्थन पाने के लिए ब्रिटेन के पीएम किएर स्टार्मर से फोन पर बात की, जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन के पीएम ने ‘रूल ऑफ लॉ’ को अहमियत देने की बात की। वहीं दोनों ने निज्जर हत्याकांड की जांच का निष्कर्ष सामने आने तक एक दूसरे के संपर्क में रहने का वादा किया है।

न्यूजीलैंड ने दी प्रतिक्रिया

India Canada Row के बीच न्यूजीलैंड ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “कनाडा की कानून लागू करने वाली एजेंसियों की ओर से सार्वजनिक तौर पर जिन कथित आपराधिक गतिविधियों का जिक्र किया गया है, वो अगर साबित हो गईं तो बेहद चिंताजनक बात होगी”। उन्होंने आगे कहा कि “हम न्यूज़ीलैंड या विदेश में चल रही आपराधिक जांच ब्योरे पर टिप्पणी नहीं करते हैं, सिवाय इसके कि कानून के नियम और न्यायिक प्रक्रियाओं का सम्मान और पालन हो।”

ऑस्ट्रेलिया ने भी दी प्रतिक्रिया

इस मुद्दें पर ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामले और व्यापार मंत्रालय ने कहा कि “हमारा सिद्धांत ये है कि सभी देशों की संप्रभुता कानून के नियमों का सम्मान होना चाहिए”।

भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

India Canada Row के बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि “हमारे पास कोई पुख्ता सबूत नही है” जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “आज हमने जो सुना है वह केवल उस बात की पुष्टि करता है जो हम लगातार कहते आ रहे हैं।

कनाडा ने भारत और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के समर्थन में हमें कोई भी सबूत पेश नहीं किया है। इस नुकसान की जिम्मेदारी कनाडा के पीएम की है। भारत-कनाडा संबंधों में जिस तरह का व्यवहार खराब हुआ है, उसका सारा दोष अकेले प्रधानमंत्री ट्रूडो पर है।”

फाइव आइज की प्रतिक्रिया से भारत पर असर

मालूम हो कि कनाडा के पीएम फाइव आइज के सभी देशों के राष्ट्रअध्यक्षों के साथ इस मुद्दों को उठा रहे है। हालांकि अभी कर इन पांचों देशों में से किसी ने भी भारत के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। मालूम हो कि भारत तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। वहीं कई विशेषज्ञों का मानना है कि यही कारण है कि फाइव आइज भारत पर सीधे टिप्पणी से बच रहे है।

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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