Iran US Tension: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार टेंशन बढ़ती जा रही है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने सनसनी मची दी है। दरअसल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने ईरान को गलत तरीके से हिरासत में रखने का प्रायोजक देश घोषित कर दिया है। इसके अलावा अमेरिका, इजरायल, चीन समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने के लिए कहा है, जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या अमेरिका-ईरान पर भीषण तबाही मचाने जा रहा है। सबसे खास बात है कि इस बैठक से खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुश नहीं है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
क्या अमेरिका ईरान में मचाने जा रहा है भीषण तबाही – Iran US Tension
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार टेंशन बढ़ती जा रही है। जेनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बैठक के बाद भी किसी प्रकार के नतीजें सामने नहीं आएं है। वहीं इस बैठक के बाद ट्रंप ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह इस बैठक से खुश नहीं है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री ने अमेरिकी नागिरकों को तुरंत ईरान छोड़ने का आदेश दे दिया है। इसके साथ ही चीन, इजरायल, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, फिनलैंड, सिंगापुर जैसे देशों ने भी अपने नागरिकों और राजनयिकों को मध्य पूर्व के कुछ हिस्से को छोड़ने की सलाह दी है। ब्रिटेन ने तो ईरान से अपने राजनयिक कर्मचारियों को भी वापस बुलाने का आदेश दे दिया है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या अमेरिका ईरान पर भयंकर तबाही मचाने जा रहा है।
अमेरिका ने इन हथियारों को किया तैनात
अमेरिका-ईरान टेंशन के बीच यूएस ने मीडिल ईस्ट में जंगी जहाज के साथ कई आधुनिक हथियारों की तैनाती की है। जिसमे दो एयरक्राफ्ट कैरियर्स और उनके समर्थन जहाज, दर्जनों आधुनिक लड़ाकू विमान, इसके अलावा दुनिया के सबसे सुद्धपोतो में से एक यूएसएस अब्राहम लिंकन, यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड जैसे जंदही जहाजों की तैनाती की है।
बताते चले कि दोनों को मध्य पूर्व के पास (अरब सागर/पूर्वी भूमध्य सागर) तैनात किया गया है — यह क्षेत्रीय दबाव और संभावित युद्ध के लिए तैयारी का संकेत है। इसके अलावा फाइटर जेट एफ-35 लाइटनिंग, एफ-22 रैप्टर, एफ-15ई स्ट्राइक ईगल्स, एफ-16 फाइटिंग फाल्कन्स जैसे विमानों की तैनाती की गई है।
इसके अलावा अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दुनियाभर में भीषण जंग शुरू होने वाली है, क्योंकि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में युद्ध शुरू हो गया है। रूस-यूक्रेन युद्ध जारी है। इजरायल-हमास युद्ध जारी है। वहीं अगर अमेरिका ईरान युद्ध शुरू ह जाता है, तो इससे दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ सकती है।






