Israel Iran War: दुनिया की नजरें अमेरिकी पर टिकीं थीं और खेला इजरायल ने कर दिया। इजरायली वायु सेना द्वारा आज तेहरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान में तहलका मच गया है। मौलवी शासन के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब मुल्क को युद्ध की स्थिति में धकेल चुका है। इजरायल को अमेरिका का पूरा समर्थन है। ईरान पर हुए इजरायली हमले में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी दिलचस्पी ले रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी सेना को चेतावनी देते हुए हथियार डालने की धमकी दी है। ट्रंप का साफ कहना है कि यदि ईरानी सेना ऐसा नहीं करती है, तो मुल्क में बर्बादी का वो मंजर नजर आएगा जिसकी कल्पना भी किसी ने की होगी। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अली खामेनेई का अंत अब तय है? आइए इन सवालों का जवाब देने के साथ इजरायल ईरान वॉर से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा करते हैं।
धमाकेदार हमलों के बीच डोनाल्ड ट्रंप की ईरानी सेना को चेतावनी!
प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान पर इजरायली हमलों के बीच खामेनेई सेना को चेतावनी दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि ईरानी सेना हथियार डाल दे अथवा बर्बादी के लिए तैयार रहे। इसका आशय साफ है कि यदि ईरानी सेना आगे हमला करती है, तो अमेरिका सीधी तरीके से इस युद्ध में शामिल होकर तबाही मचाएगा। हाल-फिलहाल में यही होता भी नजर आ रहा है।
दरअसल, ईरानी सेना की ओर से भी इजरायल पर जवाबी कार्रवाई किए जाने की खबर है। ईरानी सेना ने 70 से अधिक मिसाइलें तेल अवीव व इजरायल के अन्य हिस्सों में दागे हैं। ये दर्शाता है कि खामेनेई हार नहीं मानने वाले हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप की धमकी भी अली खामेनेई के हौसलों को नहीं कमजोर कर पा रही है। यही वजह है कि उनकी धमकी के बावजूद इजरायल ईरान वॉर एक खौफनाक अंजाम की ओर बढ़ रहा है।
क्या अली खामेनेई के शासन का अंत करेगा अमेरिका?
शुरू से ही अमेरिका ईरान में मौलवी शासन का विरोधी रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान में मौलवी शासन के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को भी इसी क्रम में समर्थन दिया था। अब फिर एक बार जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया है, तब ट्रंप द्वारा ईरान से मौलवी शासन खत्म करने की वकालत की गई है। ये दर्शाता है कि अमेरिका ईरान से अली खामेनेई के शासन का अंत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मौलवी शासन से इतर अमेरिका अली खामेनेई को भी युद्ध में मार सकता है। दरअसल, इससे पूर्व अमेरिकी अधिकारियों द्वारा प्रेसिडेंट ट्रंप के समक्ष अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा को मार गिराने की रणनीति पेश की गई थी। यही वजह है सभी को इस बात का अंदेशा है कि कहीं इसी युद्ध में अली खामेनेई का अंत न हो जाए। फिलहाल सबकी नजरें तेहरान पर टिकीं जो जंग का मैदान बनकर बर्बादी की राह पर अग्रसर है।




