Mohsin Naqvi Bangladesh Visit: पड़ोसी मुल्क में अंदरखाने उठा-पटक का दौर जारी है। केन्द्र की बीजेपी सरकार पाकिस्तान या बांग्लादेश के खिलाफ सख्त रुख रखती है। जैसे को तैसा वाली नीति के साथ जवाब दिया जाता है। बांग्लादेश से सीमा साझा करने वाले बंगाल में भी अब बीजेपी की सरकार बनेगी। यहां बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है।
बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद बांग्लादेश में उथल-पुथल है। खबरों की मानें तो पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी 8 मई यानी आगामी कल ढ़ाका पहुंच रहे हैं। पाकिस्तानी डेलिगेशन में मोहसिन नकवी के साथ 8 अन्य लोग शामिल हैं। पाकिस्तानी गृह मंत्री के ढ़ाका दौरे को लेकर हलचल तेज है और आईएसआई पर भी नजरे हैं। सवाल है कि क्या कुछ समीकरण बदलेगा?
पाकिस्तानी गृह मंत्री के ढ़ाका दौरे को लेकर तेज हुई हलचल!
मोहसिन नकवी 8 मई यानी आगामी कल अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ ढ़ाका दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरान उनके साथ मोहम्मुद अफजल, सुमैर अहमद सैयद, सलमान नसीर और आमिर मीर जैसी रसूखदार सख्सियतें भी जाएंगी। बांग्लादेश एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या BG342 से ये प्रतिनिधिमंडल ढ़ाका पहुंचेगा। एक ओर बंगाल में बीजेपी की जीत हुई है, दूसरी ओर ढ़ाका में गतिविधियां तेज हुई हैं।
इसको लेकर तमाम तरह की आशंकाए व्यक्त की जा रही हैं। पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम हुआ। इसके ठीक बाद अब पाकिस्तानी गृह मंत्री मोहसिन नकवी का ढ़ाका दौरा हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्री का दौरा ढाका और इस्लामाबाद के बीच संबंधों में प्रगति का संकेत है। यही वजह है कि पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश में इसको लेकर हलचल तेज हो गई है।
क्या दोनों मुल्कों के बीच बदलेगा समीकरण?
शेख हसीना के दौर को याद कीजिए कि कैसे बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच छत्तीस का आंकड़ा चलता था। बांग्लादेश तब मुखर तौर पर पाकिस्तान का आलोचक रहता था। हालांकि, मोहम्मद युनूस को सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश की नजदीकिया बढ़ी हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की पैठ भी बांग्लादेश में मजबूत हुई है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच दौरे पर दौरे हो रहे हैं।
पर्दे के पीछ पाकिस्तान और बांग्लादेश की हुकूमत अपने संबंधों को मजबूत कर रही है। आईएसआई भी ढ़ाका की गतिविधियों पर नजर जमाए हुए है। ऐसी स्थिति में दोनों मुल्क साथ आकर समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए पाकिस्तान-बांग्लादेश को काफी जद्दोजहद़ करनी होगी। फिलहाल भारत एक-एक घटनाक्रम पर नजर जमाए हुए है, ताकि किसी तरह की साजिश सफल न हो सके।






