Nepal Flood: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1200 से अधिक मौतें, 4000 लोग लापता…रोंगटे खड़े कर देगा

Nepal Flood: नेपाल की सरकारी एजेंसियों की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ के आठ दिन बाद बुधवार शाम तक 11993 लोगों को बचाया जा चुका था। हालांकि, बुधवार शाम तक बताए गए आंकड़ों के मुताबिक 4216 लोगों से अब भी संपर्क नहीं साधा जा सका है।

Nepal Flood

Nepal Flood (Image/Google)

Nepal Flood: पड़ोसी देश नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की वजह से अब तक 1204 लोगों की मौत हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 4000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। आपदा के एक हफ्ते बाद भी सुरक्षा बल और बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों और लापता हुए हजारों लोगों की तलाश में दिन-रात जुटी हुई हैं। नेपाल बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में जुटी पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, अब तक कुल 1113 शवों का पोस्टमॉर्टम और कानूनी पहचान की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इनमें से 95 शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, बल्कि 911 शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जिन शवों की पहचान नहीं हुई हैं, उनके विवरण और तस्वीरें नेपाल पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं।

नेपाल बाढ़: अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत

नेपाल की सरकारी एजेंसियों की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ के आठ दिन बाद बुधवार शाम तक 11993 लोगों को बचाया जा चुका था। हालांकि, बुधवार शाम तक बताए गए आंकड़ों के मुताबिक 4216 लोगों से अब भी संपर्क नहीं साधा जा सका है। राष्ट्रीय आपदा एजेंसी (एनईए) के मुताबिक, बाढ़ के बाद नेपाल सेना के 45, नेपाल पुलिस के 25 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 सदस्य भी लापता हैं। जिसको लेकर खोजी अभियान दिन-रात जारी है।

नेपाल पुलिस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस दिल दहला देने वाली घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 1200 से ऊपर पहुंच चुकी है। राहत और बचाव कार्यों में जुटे सुरक्षाकर्मी नदी के किनारों, बाढ़ प्रभावित बस्तियों, सड़कों और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। खोज और बचाव अभियान में नेपाल पुलिस के 7912, सशस्त्र पुलिस बल के 4203 और नेपाल सेना के 9199 सुरक्षाकर्मी के शामिल रहने की खबरें सामने आई है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी की प्रवक्ता शांति महत ने नेपाल की सरकारी समाचार एजेंसी आरएसएस से बात करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 21314 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

Nepal Flood: नेपाल में कैसे आई यह विनाशकारी तबाही?

अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स में अधिकारिकों के हवाले से बताया गया है कि, नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने या ढहने के कारण अचानक भयंकर बाढ़ आ गई थी। इस प्राकृतिक आपदा में 26 अगस्त को उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों के चारों तरफ तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। कई हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंगें मोटी मिट्टी और मलबे में दब गई। अब बचावकर्मी मलबा खोद रहे हैं। कहीं ड्रिलिंग की जा रही है तो कहीं विस्फोट करके रास्ता बनाया जा रहा है। लेकिन सच यह है कि अभी तक इन सुरंगों से जीवित व्यक्ति नहीं मिला है। केवल शव मिले हैं। हजारों परिवार अब भी अपने लापता रिश्तेदारों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

Exit mobile version