PM Modi: एससीओ मीटिंग के दौरान ईरान, रूस, चीन समेत दुनिया के कई देशों ने हिस्सा लिया था। दरअसल शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान PM Modi और ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेशकियन की मुलाकात हुई थी। वहीं अब इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है।
साथ ही एक तरह की चेतावनी भी जारी कर दी है कि अगर कोई देश तेहरान की मदद करता है तो उसपर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। चलिए आपको समझाते है कि क्या है पूरा मामला?
PM Modi और ईरानी राष्ट्रपति की मुलाकात से अमेरिका नाराज
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा कि “उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान किसी ट्रेड डील के बारे में बात कर रहे हैं, और दुनिया के कई देश तेहरान की सरकार से बातचीत करते हैं”। रुबियो ने ये बातें फॉक्स न्यूज़ रेडियो के ‘द ब्रायन किल्मीड शो’ में एक इंटरव्यू के दौरान कहीं।
यह इंटरव्यू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान हुई मुलाकात से जुड़े एक सवाल के जवाब में था। मेरा मतलब है, हमने ईरानी शासन के कुछ तत्वों से भी मुलाकात की है, इन कुछ चर्चाओं के दौरान उनसे संपर्क भी हुआ है।
मार्को रूबियो की खुलेआम धमकी
बता दें कि मार्को रूबियो ने आगे कहा कि “किसी भी देश को ऐसे तरीके बनाने में उनकी मदद नहीं करनी चाहिए जिनसे वे रेवेन्यू कमा सकें और फिर उस पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश में कर सकें। और अगर देश ऐसा करने का फ़ैसला करते हैं, तो हमें उन पर भी प्रतिबंध लगाने होंगे।
बता दें कि इससे पहले रूस से तेल खरीदने पर भी अमेरिका की तरफ से भारत और चीन पर प्रतिबंध लगाने पर संसद में एक बिल पेश किया गया था। वहीं एक बार फिर अमेरिका ने खुलेआम धमकी दी है।
