Pakistan Afghanistan Conflict: पड़ोसी मुल्क पर फिर एक बार आफत टूट पड़ा है। मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष के बीच कंगाली की मार झेल रहे पाकिस्तानियों पर तालिबानी हुकूमत काल बनकर बरसी है। तालिबानी लड़ाकों ने पीएम शहबाज शरीफ के साथ आसिम मुनीर की दुखती रग पर हाथ रखा है।
दरअसल, अफगानिस्तान की ओर से जवाबी कार्वाई करते हुए कराची से लाहौर समेत कई पाकिस्तानी शहरों में ड्रोन अटैक किए गए हैं। ईंधन संकट के साथ अन्य ऊर्जा स्रोतों की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान पर अफगानिस्तान का हमला मुल्क को दहलाने वाला है।
कंगाली के बीच कराची से लाहौर तक अफगानी हमले!
अफगानिस्तान की हुकूमत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए कराची से लाहौर तक ड्रोन हमले किए हैं। मिडिल ईस्ट में छिड़े संघर्ष के बीच कंगाली की मार झेल रहे पाकिस्तान पर जोरदार हमला होने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अफगानी हुकूमत की ये कार्रवाई काबुल पर बीते कल हुए हमले के बाद सामने आई है। तालिबानी लड़ाकों ने अपने कथन के अनुसार पाकिस्तान को सबक सिखाते हुए कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, क्वेटा समेत कई शहरों पर ड्रोन अटैक किया है।
तालिबान की ओर से ये कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा किए गए हमले के बाद सामने आई है। अफगानिस्तान ने तल्ख लहजे में कहा है कि अगर पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज़ नहीं आता है, तो हमलों का दौर जारी रहेगा। अफगानी हुकूमत ने पाकिस्तान पर आम नागरिकों को निशाना बनाने और उन्हें मौत के घाट उतारने के आरोप भी लगाए हैं। इसको लेकर दुनिया भर में पड़ोसी मुल्क की छीछालेदर हो रही है।
पीएम शहबाज के साथ मुनीर की दुखती रग पर तालिबान का हाथ!
ईंधन संकट से लेकर ऊर्जा के अन्य तमाम स्रोत की अभाव झेल रहा पाकिस्तान कंगाली के मुहाने पर खड़ा है। पाकिस्तानी हुकूमत कई प्रतिबंध घोषित कर मुल्क की दयनीय स्थिति बयां कर चुकी है। इसी बीच तालिबान ने पड़ोसी मुल्क के पीएम शहबाज शरीफ और नए सीडीएफ आसिम मुनीर की दुखती रग पर हाथ रख दिया है।
जहां एक ओर हुक्मरान और सेना चीफ आर्थिक तंगी से निपटने के लिए दुनिया के समक्ष कटोरा लिए खड़े हैं। वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान की ओर से हुए हमलों ने पाकिस्तानी हुकूमत की रीढ़ तोड़ दी है। कराची से क्वेटा, लाहौर तक हुए हमलों ने न सिर्फ पाकिस्तान में अफरा-तफरी मचाई है, बल्कि मुल्क को आर्थिक तौर पर भी चोट पहुंचा है। यही वजह है कि तालिबानियों द्वारा पीएम शहबाज की दुखती रग पर हाथ रखने की बात कही जा रही है।






