US-Iran-Ceasefire: बीते दिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघाची ने कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया गया था। लेकिन एक बार फिर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे कई देशों की दुबारा टेंशन बढ़ गई है। दरअसल यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद लिया गया है। अमेरिका लगातार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकाबंदी कर रहा है। जिसकी वजह से ईरान ने यह फैसला लिया है। माना जा रहा है कि होमुर्ज बंद होने से एक बार फिर दुनिया के कई देशों में एनर्जी संकट गहरा सकता है। आईए समझते है इसके मायने।
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को किया दुबारा बंद
अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईआरजीसी का कहना है कि ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की निरंतर नाकाबंदी के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण अब “अपनी पिछली स्थिति में लौट आया है”। दरअसल यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि नौसैनिक नाकाबंदी तब तक “पूरी तरह से लागू रहेगी” जब तक
“ईरान के साथ हमारा समझौता 100% पूरा नहीं हो जाता”। वहीं अब खबरे सामने आ रही है कि पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली मीटिंग में ईरान ने शामिल नहीं होने का फैसला लिया है। हालांकि अभी तक इसे लेकर किसी प्रकार की अधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से युद्ध की आहट तेज!
जानकारी के मुताबिक सोमवार यानि 20 अप्रैल को पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच एक बैठक होने वाली है। यह दूसरे चरण की बैठक होगी, क्योंकि पहले चरण की बैठक पूरी तरह से बेनतीजा निकली। वार्ता से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर डील पर मुहर नहीं लगती है तो सीजफायर को खत्म कर दिया जाएगा। यानि एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो ईरान फिर से जहाजों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देगा या फिर मीडिल ईस्ट में फिर से हमला शुरू कर सकता है। हालांकि अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में कैसी स्थिति बनती है।






