US Iran War: पिछले लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जहां बीते महीने दोनों देशों के बीच युद्ध विराम का समझौता हुआ लेकिन ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हमला करने के बाद समझौता टूट गया। उसके बाद अमेरिका ने एक बार फिर से जवाब दिया और जंग का माहौल जारी है। वहीं बीते दिन यूएस के फिफ्ट फ्लिट के अड्डों पर ईरान द्वारा हमला किया गया जिसके बाद बहरीन और कुवैत में खौफ का आलम देखा गया। इसके बीच आखिर किस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तैयारी की है आइए जानते हैं।
US Iran War क्यों एक बार फिर गरमाया
ईरान को खतरनाक जवाब देते हुए अमेरिका की तरफ से सभी पोस्ट और पोस्ट एरिया पर दोबारा समुद्री नाकाबंदी कर दी गई है। वहीं होर्मुज और ईरान के कई इलाकों में मिलिट्री टारगेट पर बमबारी की खबर सामने आई है। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि जब तक ईरान की कमर्शियल जहाज हमले बंद नहीं होते तब तक यह स्ट्राइक लगातार चलती रहेगी।
होर्मुज पर हमला और यूएस के साथ ईरान ने इस तरह लिया पंगा
दूसरी तरफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी घोषणा कर दी है कि जब तक अमेरिका के हमले बंद नहीं होते, तब तक स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि ईरान का कहना है कि पूरे मिडिल ईस्ट की एनर्जी सप्लाई पर इसका असर पड़ने वाला है। उनकी तरफ से बहरीन और कुवैत में US के पांचवें फ्लीट के मिलिट्री बेस पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है।
क्या है अमेरिका की ईरान के खिलाफ तैयारी
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे अहम ऑयल शिपिंग रूट है। वार की वजह से पिछले लंबे समय से लगातार तेल की कीमत में उछाल सामने आ रहा है। जहां बीते दिन एक भारतीय नागरिक का कमर्शियल जहाज पर मौत बताई गई। दोनों देश के बीच युद्ध का असर दुनिया भर की आर्थिक स्थिति पर देखने को मिल रही है। ईरान वार को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने एक हाई-लेवल सिचुएशन रूम मीटिंग बुलाई थी। इसका मकसद ईरान पर इतना दबाव बनाना है कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते को दोबारा खोल दे और वॉशिंगटन की न्यूक्लियर शर्तों को मान ले। आगे तनाव का क्या असर होगा इस पर नजरें रहेंगी।







