US-Israel-Iran-War: अली लारिजानी की मौत के बाद क्या ईरान मचाने जा रहा है भयंकर तबाही? विदेश मंत्री के खुलासे से हड़कंप; जानें सबकुछ

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध लगातार भीषण होता जा रहा है, जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ दी है।

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फाइल फोटो

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध लगातार भीषण होता जा रहा है, जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ दी है। स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। इसी बीच ईरान के ईरान के सबसे शक्तिशाली राजनीतिक व्यक्तियों में से एक और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारीजानी मौत से पूरे ईरान में शोक की लहर दौड़ गई है। साथ ही ईरान की तरफ से भी यह पुष्टि कर दी गई है कि अली लारीजानी इजरायल के हमले में मारे गए है। जानकारी के मुताबिक वह अपनी बेटी के घर पर थे, जहां इजरायल की तरफ से वहां हमला किया गया। हमले में अपने बेटे, उप प्रमुख और अंगरक्षकों के साथ मारे गए। ईरानी अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

अली लारिजानी की मौत के बाद ईरान मचाएगा तबाही?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लारिजानी की मौत से ईरान का झुकाव ताक़त और फ़ौजी कार्रवाई की ओर और बढ़ सकता है। माना जा रहा है कि लारिजानी की मौत के बाद ईरान जवाबी कार्रवाई और तेज कर सकता है। साथ ही होमुर्ज जलडमरूमध्य पर भी और चौकसी बढ़ा सकता है। जिसके कारण कई देशों में पेट्रोल डीजल के दाम में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “मुझे समझ नहीं आता कि अमेरिकी और इजरायली अभी तक इस बात को क्यों नहीं समझ पाए हैं: ईरान के इस्लामी गणराज्य की एक मजबूत राजनीतिक संरचना है जिसमें स्थापित राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थाएं मौजूद हैं।” यानि यह साफ है कि अली लारिजानी के मौत के बाद भी ईरान हथियार डालने को तैयार नहीं है।

ईरान के विदेश मंत्री के खुलासे से मचा हड़कंप

“मुझे समझ नहीं आता कि अमेरिकी और इजरायली अब तक इस बात को क्यों नहीं समझ पाए हैं। ईरान के इस्लामी गणराज्य की एक मजबूत राजनीतिक संरचना है जिसमें स्थापित राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संस्थाएं मौजूद हैं।” “बेशक, व्यक्ति प्रभावशाली होते हैं, और हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाता है – कोई बेहतर, कोई बदतर, कोई कम – लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था एक बहुत ही ठोस संरचना है।”

अगर कोई और शहीद होता है, तो भी यही हाल होगा। अगर विदेश मंत्री कभी शहीद हो जाते हैं, तो अंततः कोई और उनकी जगह लेने के लिए तैयार होगा।” विदेश मंत्री के बयान से यह तो साफ है ईरान ने इसकी पहले से ही तैयार कर रखी थी कि अगर ऐसा होता है तो उनका उत्तराधिकारी कौन होगा।

 

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