US-Israel-Iran-War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों काफी चर्चा में बने हुए है, जिसने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है, स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। वहीं अब ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात तक की मोहलत दी है, ताकि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल सके। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ सोशल पर ईरान को खुली धमकी दी है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या ईरान के मीडिल ईस्ट के कई देश तबाही की कगार पर है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान ने साफ कहा कि अगर अमेरिका हमला करता है तो वह मीडिल ईस्ट के देशों को निशाना बनाएंगे। मीडिल ईस्ट के साथ-साथ दुनिया के कई देशों की भी टेंशन बढ़ने वाली है। आईए समझते है इसके मायने।
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी से मीडिल ईस्ट में भीषण युद्ध के संकेत
बता दें कि US-Israel-Iran-War के बीच बीते कई दिनों से डोनाल्ड ट्रंप ईरान को तबाह करने की लगातार धमकी दे रहे है। पहले उन्होंने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, और अब उन्होंने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर लिखा कि
Donald J. Trump Truth Social 04:05.26 08:03 AM EST
Tuesday will be Power Plant Day, and Bridge Day, all wrapped up in one, in Iran. There will be nothing like it!!! Open the Fuckin’ Strait, you crazy bastards, or you’ll be living in Hell – JUST WATCH! Praise be to Allah.…
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) April 5, 2026
“मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और पुल दिवस, तीनों एक साथ मनाए जाएंगे। ऐसा पहले कभी नहीं होगा!!! जलडमरूमध्य खोल दे, तुम पागलों, वरना नरक में जाओगे – देखते रहिए! अल्लाह की प्रशंसा हो”। इस ट्वीट के बाद अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या मीडिल ईस्ट में भीषण युद्ध होने जा रहा है?
मीडिल ईस्ट में भीषण युद्ध से हड़कंप
गौरतलब है कि US-Israel-Iran-War का युद्ध लगातार जारी है। किसी भी समझौते को लेकर सहमति अभी तक नहीं बन पाई है। इसी बीच अब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पूल और पावर प्लांट पर हमला करने की धमकी दी है। हालांकि इससे पहले ईरान ने साफ तौर पर कहा था कि अगर अमेरिका उनपर हमला करता है तो वह मीडिल ईस्ट के कई देशों को तबाह कर देगा और कई जरूरी पूलों को तबाह कर देगा।
जिसके बाद मीडिल ईस्ट के साथ-साथ दुनिया के कई देशों की भी चिंता बढ़ गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि मीडिल ईस्ट से दुनिया के कई देशों में कच्चे तेल की सप्लाई होती है और वहां से जहाज गुजरते है। यानि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो कई देशों में एनर्जी संकट गहरा सकता है।






