US-Israel-Iran-War के बीच इराक में अमेरिकी विमान दुर्घटनाग्रस्त; युद्ध के बीच भारत के इस कदम से हलचल तेज; जानें सबकुछ

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध से स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

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फाइल फोटो

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध से स्थिति लगातार तनावपूर्ण होती जा रही है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उलटफेर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा अन्य चीजों पर भी असर देखने को मिल रहा है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं अब युद्ध से जुड़ी एक बड़ी कबर सामने आ रही है।

दरअसल अमेरिकी सेना ने गुरुवार को बताया कि पश्चिमी इराक में एक अमेरिकी केसी-135 हवाई ईंधन भरने वाला विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि इस घटना में शामिल दूसरा विमान सुरक्षित रूप से उतर गया। बता दें कि इससे पहले 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के शुरुआती दौर में, कुवैती सेना ने गलती से तीन अमेरिकी एफ-15ई लड़ाकू विमानों को मार गिराया। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

US-Israel-Iran-War के बीच अमेरिकी विमान हुआ दुर्घटनाग्रस्त

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि “अमेरिकी केंद्रीय कमान को एक अमेरिकी केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान के लापता होने की जानकारी है। यह घटना ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान मित्र देशों के हवाई क्षेत्र में घटी और बचाव कार्य जारी है। इस घटना में दो विमान शामिल थे।

एक विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा सुरक्षित रूप से उतर गया। यह दुर्घटना न तो शत्रुतापूर्ण गोलीबारी के कारण हुई और न ही मित्र देशों की गोलीबारी के कारण। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिकी वायु सेना का एक केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना के एफ/ए-18एफ सुपर हॉर्नेट को ईंधन भर रहा है”।

युद्ध के बीच भारत के इस कदम से हलचल तेज

युद्ध के बीच भारत के पीएम ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की, उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “मैंने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। मैंने तनाव बढ़ने, नागरिकों की जान जाने और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और माल एवं ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। मैंने शांति एवं स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और संवाद एवं कूटनीति का आह्वान किया”। कई मीडिया रिपोर्ट्स की तरफ से यह भी दावा किया जा रहा है कि ईरान ने होमुर्ज जलडमरूमध्य में भारत के जहाजों को पार करने की अनुमति दी है।

 

 

 

 

 

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