---Advertisement---

क्या Pakistan के मुख्य न्यायाधीश की शक्तियां में होगी कटौती? सरकार ने संसद में पेश किया बिल

राजनीतिक क्राइसिस और आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश के अधिकारों को कम करने के लिए संसद में बिल पेश किया है। इस बिल का प्रमुख उद्देश्य पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों में कटौती करना है।

Avatar of Anjali Sharma

By: Anjali Sharma

Published: मार्च 29, 2023 1:50 अपराह्न

Follow Us
---Advertisement---

 Pakistan की सरकार देश के न्यायाधीश के विवेकाधीन शक्तियों में कटौती करने के लक्ष्य से एक विधेयक संसद में पेश किया हैं। वहीं पहले दिन प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा था कि, यदि संसद ने प्रधान न्यायाधीश की शक्तियों को कम करने के लिए कानून नहीं बनाया तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा। साथ ही कानून मंत्री आज़म नजीर तरार ने ‘द सुप्रीम कोर्ट एक्ट 2023’ को कैबिनेट की मंजूरी के बाद मंगलवार को संसद में यह बिल पेश किया।

मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों में कटौती

राजनीतिक क्राइसिस और आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश के अधिकारों को कम करने के लिए संसद में बिल पेश किया है। गौरतलब है कि यह बिल कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने ‘द सुप्रीम कोर्ट एक्ट 2023’ को कैबिनेट की मंजूरी के बाद मंगलवार को संसद में पेश किया है। इस बिल का प्रमुख उद्देश्य पाकिस्तान में मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों में कटौती करना है।

एनए स्टैंडिंग कमेटी ऑन लॉ एंड जस्टिस के पास भेजा गया

पाकिस्तान सरकार का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीशों- जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह और जस्टिस जमाल खान मंडोखैल की ओर से पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश की शक्तियों पर सवाल उठाए जाने के एक दिन बाद आया है। खबरों की माने तो पाकिस्तानी संसद ने इस बिल को आगे बढ़ाते हुए मंजूरी के लिए नेशनल असेंबली (एनए) स्टैंडिंग कमेटी ऑन लॉ एंड जस्टिस के पास भेज दिया है। वही इस बिल को पास करने के लिए इसे वापस निम्न सदन में भेजा जाएगा।

Also Read: ऑनलाइन पेमेंट करने वालों को लग सकता है तगड़ा झटका, 1 अप्रैल से UPI पेमेंट के लिए देना होगा इतना एक्स्ट्रा चार्ज!

फैसले को देश के लिए नई किरण बताया

संसद में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि, ‘न्यायपालिका से ही उठ रही बदलाव की आवाज निश्चित तौर पर देश के लिए उम्मीद की किरण है।’वही खबरों की मानें तो न्यायपालिका ने शहबाज शरीफ की सरकार पर ‘बेंच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया है। इस बिल के मुख्य उद्देश्यों में मुख्य न्यायाधीश से स्वत: संज्ञान लेने की शक्तियों को तीन वरिष्ठ न्यायाधीशों वाली तीन सदस्यीय समिति को स्थानांतरित करना शामिल है। इसके अलावा, बिल के निर्णय को चुनौती देने के अधिकार के संबंध में एक खंड शामिल है जिसे 30 दिनों के अंदर दाखिल किया जा सकता है और दो सप्ताह के समय में सुनवाई के लिए तय किया जाएगा।

Also Read: 140km की जबरदस्त रेंज के साथ Fujiyama ने लॉन्च किए ये 5 Electric Scooters, कीमत और फीचर्स पर आ जाएगा दिल

Avatar of Anjali Sharma

Anjali Sharma

अंजलि शर्मा पिछले 2 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हैं। अंजलि ने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल अंजलि DNP India Hindi वेबसाइट में कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रही हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

US-Iran War

जून 27, 2026

Venezuela Earthquakes

जून 26, 2026

Viral Video

जून 25, 2026

POK Protest

जून 25, 2026

India-US Trade Deal

जून 25, 2026

Khawaja Asif

जून 22, 2026