Jabalpur Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में क्रूज पलटने की खबर ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है और यहां से मन को विचलित कर देने वाली कई दृश्य सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। वहीं इस सब के बीच एक मां और बच्चे की मौत के बाद की तस्वीर देखकर आत्मा कांप उठेगी। जहां एक बच्चा अपनी मां से लिपटा हुआ नजर आता है। इस तस्वीर को लेकर कहा गया है कि अपनी लाइफ जैकेट देकर बच्चे को बचाने की कोशिश में इस मां की भी जान चली जाती है। आइए जानते हैं आखिर क्यों जबलपुर क्रूज एक्सीडेंट की तस्वीर में लोगों को व्यथित कर दिया है।
देखें आखिरी समय तक कैसे मां की ममता ने नहीं छोड़ा साथ

@jpsin1 X चैनल से जबलपुर क्रूज एक्सीडेंट की फोटो शेयर करते हुए यूज़र ने लिखा, “जबलपुर की डेम में क्रूज डूबने की घटना का बड़ा दर्दनाक दृश्य है। मां लाइफ जैकेट पहने हुए थी। वह कभी नहीं डूब सकती थी लेकिन अफसोस बच्चा लाइफ जैकेट नहीं पहना था और अपने बच्चे को बचाने की उम्मीद में यह मां की जान चली गई और बच्चे की भी जान चली गई। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।” तस्वीर में देखा जा सकता है कि कैसे एक बच्चा अपनी मां के सीने से लिपटा हुआ है। मां को भी यह उम्मीद रही होगी कि वह अपने बच्चे को बचा लेगी लेकिन इसका जो भयावह अंजाम हुआ वह वाकई दुखदाई है।
जबलपुर क्रूज घटना से व्यथित हुआ यूजर्स का मन
जबलपुर क्रूज एक्सीडेंट की इस तस्वीर को देखने के बाद यूजर्स का दिल रो पड़ा है और इसे 60000 के करीब व्यूज मिल चुके हैं। जहां एक यूजर ने कहा, “हे भगवान ऐसा क्यों करता है बच्चे को तो बख्श दो।” कुछ लोग इस तरह की घटना पर सवाल उठाते हुए नजर आ रहे हैं। एक यूजर ने कहा बहुत ही हृदयविदारक है एक मां ने आखिरी सांस तक अपनी लाल की रक्षा की तो एक ने कहा दुखद घटना शांति दे। यूजर ने दर्दनाक बताया है।
कैसे हुई Jabalpur Cruise Accident जिसने लोगों को झकझोरा
गौरतलब है कि जबलपुर क्रूज एक्सीडेंट ने हर किसी को हैरान कर दिया है जहां कहा जा रहा है कि बहुत तेज हवा चल रही थी। अचानक आंधी तूफान के कारण मौसम बदल गया और संतुलन बिगड़ने की वजह से जब क्रूज डैम के बीच में था तभी पलट गया। सभी लोगों के पास लाइफ जैकेट नहीं थी जिसकी वजह से यह घटना हुई। अलग-अलग रिपोर्ट की माने तो 6 से 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






