Viral Video: पश्चिम बंगाल के झारग्राम में एक चुनावी दौरे के बीच सुरक्षा को दरकिनार करते हुए झालमुरी खाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक छोटी सी दुकान पर पहुंचते हैं। झालमुरी बेचने वाला शख्स सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है लेकिन क्या आपको पता है कि 10 के नोट से मोदी जी को नमकीन खिलाने वाले यह शख्स के पास लखपति बनने का मौका है। सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है जहां एक शख्स ने दुकानदार युवक को 10 के बदले 1 लाख से ज्यादा देने की बात की है। आइए जानते हैं।
Viral Video में कौन है शख्स जो मोदी जी के 10 के नोट पर लुटा रहा लाख
10 के बदले 1,11,000 रुपए
जो मोदीजी ने कल 10 रुपए का नोट दुकानदार को दिया था उस नोट को 1 लाख 11 हजार में लेने के लिए तैयार
ये वीडियो उस दुकानदार तक पहुंचे उस गरीब
का भला हो जाए ..बड़ा दिलवाला है ये भाई 😍 pic.twitter.com/DuIAmLizR4— Rakesh 2.0 🇮🇳 (@TheRakesh_IND) April 20, 2026
@TheRakesh_IND x पर वायरल वीडियो में शख्स कहता हुआ नजर आता है कि “कल मोदी जी एक दुकान पर गए वहां पर उन्होंने नमकीन दुकानदार से खरीदी। इसके बदले में मोदी जी ने ने 10 का नोट दिया मैं रोहित खालसा पानीपत हरियाणा उस नोट को उस भाई से एक लाख 11000 में खरीदने को तैयार है। अगर वह दे दे तो जो नोट मोदी जी ने 10 का उस भाई को दिया उस नोट को मैं खरीदना चाहता हूं।”
वायरल वीडियो को लेकर लोग किस तरह कर रहे रिएक्ट
वहीं इस वायरल वीडियो को 1 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। एक यूज़र ने कहा ऐसा क्या है उसमें तो एक ने कहा भारत में मूर्खों की कमी नहीं। एक यूजर ने कहा यह क्या मजाक है एक ने लिखा मैं तो सोच ही रहा था लेकिन वह बंदा इतना नर्वस था कि उसने रखा ही नहीं होगा। एक ने कहा उसे बेचारे ने चला दिया होगा वह नोट। बाकी यूजर्स भी वायरल वीडियो पर चटकारे लेते हुए नजर आ रहे हैं और अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
आखिर कैसे पीएम मोदी की वजह से सेंसेशन बना शख्स
गौरतलब है कि झारग्राम में झालमुरी खाने के लिए एक दुकान पर पीएम मोदी रुकते हैं और इस दौरान 10 रुपए की नोट उसे देते हैं। इतना ही नहीं दुकानदार जब पीएम मोदी से पूछता है कि क्या आप प्याज खाते हैं तब वह जवाब देते हैं, “हां खाता हूं लेकिन किसी का दिमाग नहीं खाता हूं।” यह शख्स इंटरनेट पर चर्चा में है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






