Viral Video: इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटनाएं आए दिन सामने आती रहती हैं। कई मामलों में एक्शन भी लिया जाता है। लेकिन इसके बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। एक ऐसा ही नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक आदमी के द्वारा बूढ़े गार्ड को घसीटते हुए पीटा जा रहा है। इस दौरान काफी भीड़ मौजूद है, लेकिन कोई भी उसे नहीं बचा रहा है। ये घटना दिल्ली के नामी अस्पताल एम्स की बताई जा रही है। हॉस्पिटल में घटि इस घटना ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि, दिनदहाड़े कोई इतनी गुंडागर्दी कैसे कर सकता है?
अस्पताल में गार्ड की बेरहमी से पिटाई
भरे अस्पताल में बूढ़े गार्ड की पिटाई के वायरल वीडियो को सीतामढ़ी जिला 🇮🇳 नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में मामले की जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘दिल्ली एम्स में कथित तौर पर इन भाई साहेब को गार्ड ने कुछ बोल दिया।
देखें वीडियो
दिल्ली एम्स में कथित तौर पर इन भाई साहेब को गार्ड ने कुछ बोल दिया। उसके बाद इन्होंने गार्ड की गर्दन पकड़ देखिए कैसा व्यवहार कर रहे है।
गार्ड साहेब की उम्र भी ज्यादा लग रही है। pic.twitter.com/Wk2gM2AjLe
— सीतामढ़ी जिला 🇮🇳 (@SitamarhiJila) August 18, 2026
उसके बाद इन्होंने गार्ड की गर्दन पकड़ देखिए कैसा व्यवहार कर रहे है। गार्ड साहेब की उम्र भी ज्यादा लग रही है।’ वीडियो में देखा जा सकता है कि, एक आदमी गार्ड को घसीटते हुए पीट रहा है। वहीं, उसका साथी वीडियो बना रहा है। उनका आरोप है कि, गार्ड ने डंडे से किसी महिला को पीटा और बदतमीजी की है। इसीलिए वो सबक सिखा रहे हैं। गार्ड की हालत काफी खराब है। आस-पास मौजूद लोग उसे बचाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं।
Viral Video का क्या है पूरा मामला?
कई सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, एम्स दिल्ली के एक सुरक्षा गार्ड धनंजय सिंह ने एक तिमारदार के साथ बदतमीजी की है। कुछ रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि, घटना की गंभीरता को देखते हुए गार्ड को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही मामले की जांच भी चल रही है। घटना पर दिल्ली एम्स का आधिकारिक बयान ना होने पर हम इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। लेकिन काफी लोग गार्ड की पिटाई को गलत बता रहे हैं। वहीं, कुछ का कहना है कि, गरीब लोगों पर सारी ताकत दिखाई जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।







