Viral Video: दुनियाभर के हर आयु वर्ग के लोग इस समय फोन और सोशल मीडिया के हद से ज्यादा यूज के कारण परेशान हैं। वो इसे छोड़ना तो चाहते हैं लेकिन इंटरनेट पर दिखने वाली नई-नई चीजें उनके दिमाग पर ऐसा कब्जा करती हैं कि, वो अच्छा और बुरा दोनों तरह का कंटेन्ट यूज कर रहे है। वैसे तो कई सारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हैं। लेकिन सबसे ज्यादा समय लोग इंस्टाग्रम और इसकी रील पर बिताते हैं। जिसका असर उनकी मानसिक स्थिति पर पड़ने लगा है। सोशल मीडिया पर एक छोटी बच्ची का वीडियो वायरल हो रहा है। वो सोते-सोते फोन को स्क्रोल कर रही है। मासूम की ये हरकत किसी को भी डरा सकती है। अगर आपका बच्चा भी इसका लती बनता जा रहा है तो इससे बचने के तरीके के बारे में डॉक्टर बता रही हैं।
Viral Video: रील का सबसे खौफनाक अंजाम
सोशल मीडिया पर एक मासूम बच्ची का चौंकाने वाला वायरल वीडियो सामने आया है। वो सोते-सोते फोन के कैमरे को ऐसे स्क्रोल कर रही है जैसे कि, वो रील देख रही हो। बच्ची भले ही सो चुकी है। लेकिन उसका दिमाग इस समय भी शांत नहीं है वो रील की लत का इतना लती हो चुका है कि, वो इस मुद्रा में भी यही काम कर रहा है।
देखें वीडियो
A LITTLE GIRL ADDICTED TO REELS WAS RECORDED ON CAM SCROLLING REELS EVEN WHILE ASLEEP. pic.twitter.com/RWb3dE1WzW
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) April 7, 2026
मासूम बच्चे का व्यवहार किसी भी माता-पिता को डरा सकता है। क्योंकि सोशल मीडिया की लत ने बहुत ही कम उम्र में बच्ची के दिमाग को हैंग कर लिया है। ये घटना कब और कहां की है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन Ghar Ke Kalesh नाम के एक्स हैंडल से 7 अप्रैल को पोस्ट किया गया है। वीडियो पर 1 लाख 66 हजार से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। वीडियो देख लोग माता-पिता को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे मेंटल इलनेस बता रहे हैं।
बच्चों से रील की लत कैसे छुड़ाएं डॉक्टर से जानें?
सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम रील की लत छुड़ाने के लिए डॉक्टर का कहना है कि, माता पिता को फोन की जब तक जरुरत ना हो तब तक बच्चे को नहीं देना चाहिए। इसके साथ ही फोन के नोटिफिकेशन बंद करके ही फोन को दें। वहीं, बच्चों के सामने ना के बराबर ही फोन का यूज करना चाहिए।
देखें वीडियो
वीडियो क्रेडिट-Dr. Suman Bhardwaj
हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, बच्चों को फोन में बिजी रखने से अच्छा उन्हें पेंटिग , इनडोर और आउटडोर गेम खिलाना चाहिए। इससे वो फिजिकल और मेंटलटी एक्टिव रहते हैं। वहीं, ज्यादा स्थिति बिगड़ने पर साइकोलॉजी के डॉक्टर से मिलवाना चाहिए। इसकी जानकारी डॉक्टर सुमन भारद्वाज के द्वारा दी जा रही है।






