BRICS Summit 2026: 11 सितंबर से भारत में BRICS Summit 2026 की शुरूआत होने जा रही है। बता दें कि इस समिट में दुनिया की कई महाशक्ति के राष्ट्रअध्यक्ष आएंगे। जिसमे रूस के राष्ट्रपति, चीन के राष्ट्रपति, ब्राजील समेत कई देशों के नेता शामिल होंगे। बता दें कि यह समिट कई मायनों में खास होने जा रहा है। माना जा रहा है कि इसमे रूस, चीन और भारत डॉलर को लेकर अहम चर्चा कर सकते है। माना जा रहा है कि इस समिट ने अमेरिका के साथ डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ा दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी अहम जानकारी।
BRICS Summit 2026 में महाशक्तियों का जमावड़ा
गौरतलब है कि भारत में होने जा रहे BRICS Summit 2026 काफी खास और अहम है। सबसे खास बात है कि इसमे रूस, चीन के राष्ट्रपति हिस्सा लेने वाले है जो कई मायनों में अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ा सकता है। सबसे खास बात है कि इस समिट में डॉलर को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो सकती है और कई विकल्प पर बात हो सकती है। गौरतलब है कि अमेरिकी की तरफ से लगातार ही टैरिफ लगाया जा रहा है, जिससे दुनिया के कई देश नाराज है।
सबसे खास बात है कि भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देशों का एक मंच पर आना ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया की राजनीतिक व्यवस्था तेजी से बदल रही है। वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, डॉलर समेत कई मुद्दों पर चर्चाएं संभव है।
डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ सकती है टेंशन
बता दें कि बीते कुछ महीनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगा चुके है। अमेरिकी कोर्ट ने इसे अवैध करार दिया था। मालूम हो कि ब्रिक्स और वैश्विक व्यापार व्यवस्था में इसके बढ़ते प्रभाव को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कर चुके हैं। खासतौर पर डॉलर की भूमिका और देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को लेकर अमेरिका की नजर BRICS Summit 2026 की गतिविधियों पर बनी हुई है। यह तो साफ है कि बाकी ब्रिक्स समिट से यह थोड़ी अलग होने जा रही है। अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों की इस समिट पर नजर है।







