BRICS Summit 2026: देश की राजधानी दिल्ली में कई देशों के दिग्गजों का जमावड़ा होने जा रहा है। सबसे खास बात है कि BRICS Summit 2026 में कई देश के राष्ट्रअध्यक्ष जुड़ेंगे, जिसमे रूस, चीन समेत कई देश शामिल है। सबसे खास बात है कि इस समिट में ईरान और यूएई आमने-सामने होंगे।
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में ईरान और यूएई में खटास देखने को मिली है, जिसके बाद कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है कि क्या इस समिट में दोनों की दोस्ती हो सकती है? और क्या भारत के लिए ये एक चुनौती है या मौका। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
BRICS Summit 2026 में ईरान-यूएई होंगे आमने सामने
बता दें कि BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई राष्ट्रअध्यक्ष दिल्ली पहुंचेंगे। जिसमे ब्राजील
रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका,सऊदी अरब, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान जैसे देश हिस्सा लेंगे। सबसे खास बात है कि इस बैठक में ईरान और यूएई आमने सामने होंगे।
बीते कुछ महीनों में इन दोनों देशों के बीच काफी ज्यादा तनाव बढ़ गया। ईरान ने तो कई बार यूएई में स्थित अमेरिका सैन्य ठिकानों पर हमले भी किए है। वहीं अब सवाल यह भी है कि क्या दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधरेंगे? वहीं अब देखना होगा कि क्या भारत इन दोनों देशों को एक साथ ला सकता है या नहीं।
विदेश मेहमानों को परोसे जाएंगे देशी व्यंजन
ताज महल के एग्जीक्यूटिव शेफ कौशिक मिश्रा BRICS की तैयारियों और खास खान-पान के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि “सभी का स्वागत है। ताज महल नई दिल्ली अपनी मेहमाननवाज़ी के लिए जाना जाता है। पिछले 48 सालों से हमने इस होटल में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मेज़बानी की है। हम हमेशा ऐसा खान-पान का अनुभव तैयार करने की कोशिश करते हैं जो उनके देश और हमारे देश के साझा भोजन और संस्कृति से जुड़ा हो।
VIDEO | Delhi: Taj Mahal Executive Chef Kaushik Mishra on BRICS preparations and special cuisines says, “Welcome, everybody. The Taj Mahal New Delhi is known for its hospitality. For 48 years, we have hosted many heads of state at this hotel. We always try to create a culinary… pic.twitter.com/tkbrNVDIXq
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026
जब खास प्रतिनिधि और राष्ट्राध्यक्ष हमारे यहाँ ठहरते हैं, तो हम कई तरह की तैयारियाँ करते हैं। यह लगभग तीन से छह महीने की रिसर्च प्रक्रिया रही है, और हमने यहाँ आने वाले सभी देशों की पसंद को समझने और उसे शामिल करने की कोशिश की है। हमने केसर, कॉफी और चाय जैसे कई तरह के मसालों और सामग्रियों का इस्तेमाल किया है, और उनके स्वागत के लिए कई तरह के अनुभव भी एक साथ लाए हैं।”







