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US-Iran War के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उलटफेर, क्या भारत में महंगे हो जाएंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें सबकुछ

US-Iran War: अमेरिका और ईरान क बीच जारी तनाव और सैन्य टकराव का असर अब सीधे इंटरनेशनल कच्चे तेल के बाजार पर दिखाई दे रहा है।

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By: Anurag Tripathi

Published: सितम्बर 6, 2026 12:41 अपराह्न

US-Iran War
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US-Iran War: अमेरिका और ईरान क बीच जारी तनाव और सैन्य टकराव का असर अब सीधे इंटरनेशनल कच्चे तेल के बाजार पर दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बिगड़ने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खासतौर पर ईरान के आसपास तेल टैंकरों और समुद्री मार्गों को लेकर बढ़ी चिंता ने बाजार की बेचैनी बढ़ा दी है। गौरतलब है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत 96.28 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है।

US-Iran War के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उलटफेर

बता दें कि US-Iran War की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। जिसने दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में युद्ध या समुद्री मार्गों में रुकावट की आशंका पैदा होते ही ट्रेडर्स भविष्य में तेल की कमी की संभावना को देखते हुए खरीद बढ़ा देते हैं। गौरतलब है कि इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। मालूम हो कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया के कई देशों से कच्चे तेल और अन्य गैसों की आवाजाही होती है। क्योंकि ईरान के पास होर्मुज की कमान है तो युद्ध के दौरान वह इस रास्ते को बंद कर देता है।

भारत के लिए चिंता क्यों बढ़ सकती है?

भारत दुनिया के बड़े तेल उपभोक्ताओं में शामिल है और घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए उसे बड़ी मात्रा में कच्चा तेल विदेशों से खरीदना पड़ता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय क्रूड महंगा होने पर भारत की तेल खरीद लागत बढ़ सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रेंट क्रूड के बढ़ते ही अगले दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ जाएंगे।

भारत में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर कई फैक्टर असर डालते हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये और डॉलर का एक्सचेंज रेट, रिफाइनिंग लागत, टैक्स, डीलर कमीशन और तेल कंपनियों की कीमत निर्धारण रणनीति शामिल है। जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम महंगा होगा। हालांकि यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी। लेकिन अगर ऐसी ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेगी तो स्थिति चिंताजनक हो सकती है।

 

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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