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Narayana Murthy: सप्ताह में 85-90 घंटे काम, परिवार के साथ संतुलन जैसे विषयों पर Infosys को-फाउंडर का खुलासा; जानें डिटेल

Narayana Murthy: सूचना प्रौद्योगिकी सेवा के क्षेत्र में अपनी कुशलता के बल पर देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपनी छाप छोड़ चुकी Infosys कंपनी की खूब चर्चा सुनने को मिलती है।

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By: Gaurav Dixit

Published: जनवरी 13, 2024 12:49 अपराह्न

Narayana Murthy
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Narayana Murthy: सूचना प्रौद्योगिकी सेवा के क्षेत्र में अपनी कुशलता के बल पर देश-दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपनी छाप छोड़ चुकी Infosys कंपनी की खूब चर्चा सुनने को मिलती है। इन्फोसिस लिमिटेड के साथ कंपनी के सह-संस्थापक (Co-Founder) Narayana Murthy भी अपने दावों को लेकर खूब सुर्खियों में रहते हैं। हाल में ही उन्होंने इंडिया टूडे ग्रूप को एक इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने सप्ताह में 85-90 घंट काम करने, परिवार के साथ समय का संतुलन बिठाने व अन्य कई विषयों पर बड़े खुलासे किए हैं। नारायण मूर्ति ने स्पष्ट किया है कि कंपनी के निर्माण के दौरान वह खुद सप्ताह में 85 से 90 घंटे काम करने के बाद पारिवारिक समय संतुलित करते थे। मूर्ति ने ये भी कहा कि उन्होंने अपने परिवार के साथ बिताए समय की तुलना में गुणवत्तापूर्ण समय को ज्यादा प्राथमिकता दी।

Narayana Murthy का दावा है कि युवाओं को सप्ताह में 70 घंटे काम करना चाहिए। इससे हम खुद को कड़ी मेहनत की ओर से ले जा सकेंगे और हमारे उत्पादक होने के अवसर और बढ़ सकेंगे।

Narayana Murthy का बड़ा दावा

Infosys के सह-संस्थापक Narayana Murthy एक बार फिर अपने विभिन्न दावों को लेकर सुर्खियों मे हैं। उन्होंने हाल में ही इंडिया टूडे समूह को एक इंटरव्यू दिया है जिसमें सप्ताह में 85-90 घंटे काम व परिवार के साथ समय के संतुलन को बिठाने से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। मूर्ति की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वो खुद भी सप्ताह में 85-90 घंटे काम करते थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अपने परिवार के साथ उतना समय नहीं बिताने का अफसोस है जितना कि वह काम पर बिताते थे? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “वास्तव में नहीं। क्योंकि मेरा हमेशा से मानना ​​था कि गुणवत्ता भरा समय मात्रा से अधिक महत्वपूर्ण है। मैं सुबह 6 बजे ऑफिस के लिए निकल जाता था और रात करीब 9.15 बजे तक लौट आता था, जैसे ही मैं घर पहुंचता, बच्चे गेट पर होते। सुधा, बच्चे और मेरे ससुर कार में बैठ जाते थे और हम जो भी खाना पसंद करते थे उसे खाने जाते थे और उस दौरान हम खूब मस्ती करते थे। वह डेढ़, दो घंटे बच्चों के लिए सबसे आरामदायक थे।”

नारायण मूर्ति ने का मानना है कि किसी भी तरह की कठिनाई के दौरान वह परिवार के साथ रहे और उनकी मदद की। हालाकि जब परिवार को उनकी जरुरत नहीं थी तो उन्होंने ज्यादातर अपने काम पर ध्यान दिया और Infosys को खड़ा करने के लिए मेहनत किया।

युवाओं के लिए सलाह

Narayana Murthy ने अपने इस खास बात-चीत के दौरान युवाओं को सप्ताह में 70 घंटे काम करने का सलाह दिया है। उनका मानना है कि देश के युवाओं पर समाज के गरीब वर्गों के जीवन को बेहतरीन करने का अवसर लाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा अत्याधिक मेहनत करने से युवा अधिक उत्पादक हो सकेगा।

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Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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