Ankita Bhandari: एक माता-पिता जिन्होंने अपनी बेटी को खो दिया और अभी तक इसकी सीबीआई जांच भी पूरी नहीं हो सकी उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्होंने इंडिया गेट पर रात भर धरना प्रदर्शन किया। जी हां, हम बात कर रहे हैं अंकिता भंडारी हत्याकांड की जिसे लेकर एक बार फिर सियासी भूचाल शुरू हो गया है। जहां विपक्ष के साथ अंकिता के माता-पिता ने धरना प्रदर्शन किया तो पुलिस ने उन्हें रात के अंधेरे में हिरासत में लिया। इस पर राहुल गांधी ने समर्थन किया है और कहा है कि कांग्रेस न्याय की मांग में हमेशा साथ है। जानिए पूरी खबर क्या है।
Ankita Bhandari हत्याकांड एक बार फिर क्यों गरमाया
अंकिता भंडारी के माता-पिता और विपक्षी नेताओं ने इंडिया गेट पर रात भर धरना प्रदर्शन किया क्योंकि उनकी मांग है कि बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल फिलहाल ना बनाया जाए। उनकी मांग है कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी भी तरह से पदों के साथ छेड़छाड़ ना किया जाए। इसी प्रदर्शन के चलते दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पीड़िता के माता पिता की मांग
हालांकि बाद में सुबह लगभग 5 बजे के आसपास अंकिता भंडारी के माता-पिता को रिहा कर दिया गया लेकिन इस तक के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इसे तानाशाही बताते हुए कहा कि लोकतंत्र खत्म होता हुआ दिख रहा है। इतना ही नहीं पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि अगर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति 24 घंटे के अंदर रद्द नहीं हुई, तो वे पूरे देश में फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे।
राहुल गांंधी ने उठाया सवाल
जहां बीते दिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की थी। उसे लेकर पोस्ट में उन्हें अपना समर्थन दिखाया था। वहीं इस सब के बीच एक बार फिर कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए गुस्सा दिखाया है। जहां उन्होंने लिखा, “सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया। उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे – बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना मांग रहे थे कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।”
सरकार पर राहुल गांंधी का वार
सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे – बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी – जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।#JusticeForAnkitaBhandari
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 15, 2026
उन्होंने आगे कहा कि “कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे। जिस जांच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले मां-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया। इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो। पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी। कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी – जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।”
क्या है अंकिता भंडारी मर्डर केस
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी की कथित तौर पर हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उनके दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। कथित तौर पर बलात्कार के बाद यह हत्या किया गया था जिसे लेकर एक बार फिर आक्रोश देखा जा रहा है।







