Badrinath Temple Row: कथित गड़बड़ी के मामले के बाद अब उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे और दान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बीच बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रख दी हैं, जिससे यह विवाद और चर्चा में आ गया है। अब इस मामले में प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है।
बद्रीनाथ चंदा चोरी को लेकर क्या बोले अध्यक्ष महंत रवींद्र
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ियों पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी कहते हैं, “अगर छोटे कर्मचारियों की वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं, तो सरकार द्वारा संचालित बद्रीनाथ मंदिर समिति और उसके अध्यक्ष ने अच्छा कदम उठाया है। मैं इसका स्वागत करता हूं और मुझे मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है।
Delhi: BJP National Spokesperson Gopal Krishna Agarwal says, “This is a major problem in the country. If allegations arise in places like the Ram Temple or Badrinath, people tend to assume that such things are happening in all temples. This kind of biased perspective is not… pic.twitter.com/IsyG1v7iNX
— IANS (@ians_india) July 5, 2026
साथ ही, उनके कार्यकाल के पांच साल पूरे होने पर मैं उन्हें बधाई भी देता हूं अगर वहां कोई गड़बड़ी होती है, तो सरकार और प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए; वरना इससे लोगों की आस्था और भावनाओं पर असर पड़ता है।”
बद्रीश संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से रख दी विशेष मांग
बद्रीश संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे उत्तराखंड के चमोली ज़िले में स्थित बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित करने का आदेश दें। समिति ने मंदिर के दान के प्रबंधन में अनियमितताओं को लेकर चिंता जताई है।
चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचते हैं और हर वर्ष करोड़ों रुपये का दान मंदिर में आता है। ऐसे में इस विवाद ने सरकार पर भी दबाव बढ़ा दिया है। विपक्ष और कई सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।







