Delhi News: दिल्ली की तस्वीर आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदल सकती है। केंद्र सरकार की ओर से ‘मास्टर प्लान दिल्ली 2047’ सामने आने के बाद राजधानी के विकास का नया रोडमैप तैयार हो गया है। इस प्लान में आवास, परिवहन, सड़कों, रोजगार, पर्यावरण और शहरी पुनर्विकास से जुड़े कई बड़े बदलावों का खाका तैयार किया गया है।
इसके साथ ही पुराने इलाकों के सुनियोजित पुनर्विकास किया जाएगा। माना जा रहा है कि बेहतर सुविधाओं वाले इलाकों, खासकर मेट्रो और अन्य मास ट्रांजिट कॉरिडोर के आसपास हाई-राइज और हाई-डेंसिटी डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। माना जा रहा कि दिल्ली को न्यूयॉर्क, लंडन जैसी शहरों की तरह तैयार किया जाएगा।
मास्टर प्लान को लेकर डीडीए ने दी अहम जानकारी
डीडीए ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि ‘मास्टर प्लान दिल्ली 2047’ पुराने इलाकों के सुनियोजित पुनर्विकास (redevelopment) के ज़रिए ऐसे समुदाय बनाने में मदद करता है जो रहने के लिए बेहतर, समावेशी और टिकाऊ हों। आवासीय और व्यावसायिक पुनर्विकास के लिए प्लॉट के न्यूनतम आकार को कम करने,
Master Plan Delhi 2047 enables the planned redevelopment of ageing neighbourhoods to create more liveable, inclusive and sustainable communities.
With reduced minimum plot sizes for residential and commercial redevelopment, 50% additional floor space incentives, and provisions… pic.twitter.com/M2jAljno2G
— Delhi Development Authority (@official_dda) August 23, 2026
50% अतिरिक्त फ्लोर स्पेस का प्रोत्साहन देने, और ज़मीनों को मिलाने (amalgamation) व पुनर्गठित (reconstitution) करने के प्रावधानों के साथ, यह प्लान व्यापक पुनर्विकास और शहरी ज़मीन के बेहतर इस्तेमाल के लिए नए अवसर पैदा करता है। बेहतर बुनियादी ढांचे, बेहतर सुविधाओं और जीवन की बेहतर गुणवत्ता के साथ मौजूदा इलाकों को बदलकर ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित दिल्ली’ का निर्माण करना।
40 लाख नए घरों का लक्ष्य
दिल्ली की बढ़ती आबादी को देखते हुए मास्टर प्लान में लगभग 40 लाख अतिरिक्त आवासीय इकाइयों की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसके लिए नए इलाकों के विकास के साथ पुराने क्षेत्रों के पुनर्विकास और लैंड पूलिंग पर जोर दिया गया है।
योजना में अफोर्डेबल हाउसिंग और किराये के किफायती घरों पर भी ध्यान दिया गया है, ताकि कामकाजी लोगों, प्रवासियों और मध्यम वर्ग के लिए आवास के विकल्प बढ़ाए जा सकें।
मास्टर प्लान में सार्वजनिक परिवहन को दिल्ली के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। योजना के तहत मेट्रो नेटवर्क को बड़े स्तर पर विस्तार देने का लक्ष्य है। रिपोर्टों के अनुसार 2047 तक दिल्ली में मेट्रो नेटवर्क करीब 695 किलोमीटर तक पहुंचाने की योजना है।







