CM Mohan Yadav: राज्य में शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि समेत अन्य तमाम जगत की तस्वीर बदलने का प्रयास जारी है। यहां बात मध्य प्रदेश के संदर्भ में हो रही है जहां सीएम मोहन यादव सत्ता की शीर्ष पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री की कोशिश है कि एमपी के आम जनों तक सभी सुविधाओं का विस्तार हो। इसी क्रम में बेटियों को खास प्राथमिकता दी जाती है। मुख्यमंत्री लाडली लक्ष्मी योजना उन प्रयासों का पुख्ता प्रमाण है। इस योजना की मदद से सीएम मोहन यादव की सरकार बेटियों को आर्थिक मदद मुहैया कराते हुे उन्हें सशक्त करने का काम कर रही है।
बेटियों के सपनों को उड़ान दे रही CM Mohan Yadav की सरकार!
मध्य प्रदेश सरकार राज्य की बेटियों के सपनों को साकार दे रही है। इस दिशा में कई सारे प्रयत्न किए जा रहे हैं।
‘मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना’
बेटियों के सपनों को मिली उड़ान, बेटियां छू रहीं आसमान….@DrMohanYadav51 @mp_wcdmp #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/8VaWdu1DXf
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 18, 2026
सीएम मोहन यादव की सरकार द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना का संचालन भी इसी क्रम में किया जा रहा है। इस योजना के तहत बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए मदद मुहैया कराई जाती है। योजना के लिए पंजीकृत बेटियों के जन्म से 5 वर्षों तक हर साल 6000 रुपए की राशि उनके खाते में जमा की जाती है। वहीं कक्षा 6वीं में प्रवेश पर 2000 रुपए, 9वीं में 4000 रुपए, 11वीं-12वीं में प्रवेश पर क्रमश: 6000-6000 रुपए, स्नातक के लिए 25000 रुपए की मदद दी जा जाती है। वहीं लड़की के 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसके खाते में एक लाख का अंतिम भुगतान किया जाता है। ये योजना बेटियों को सशक्त कर रही है।
कैसे उठाए लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता तय की गई है। परिवार एमपी का हो, करदाता न हो, दूसरी संतान होने पर परिवार नियोजन अपनाए और बेटी की शादी 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर करे। इस पात्रता के तहत आने वाले परिवार को लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ मिल सकता है। लाडली लक्ष्मी योजना के आधिकारिक साइट के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकती है। इसके बाद सत्यापन व अन्य प्रक्रिया होगी और अंतत: बेटियों को योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। इसकी मदद से बेटियां सशक्त होकर अपने उज्जवल भविष्य का निर्माण कर सकेंगी।






