Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार प्रदेश के किसानों के साथ-साथ राज्य के व्यापारी वर्ग की तरक्की के लिए भी कई अहम कदम उठा रही है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार एमपी को औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है। एमपी सरकार का नारा है ‘सशक्त व्यापारी, समृद्ध मध्यप्रदेश‘। ऐसे में व्यापारियों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए प्रदेश में ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ का गठन किया जाएगा। यह पहल व्यापार को नई गति देगी एवं मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाएगी।
मोहन यादव सरकार एमपी को औद्योगिक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध
बीजेपी की डबल इंजन की सरकार ने एमपी में औद्योगिक सेक्टर के विस्तार के लिए सुगम नीतियां और अनुकूल वातावरण तैयार किया है। यही वजह है कि एमपी की मोहन यादव सरकार निवेशकों को आकर्षित कर रही है और प्रदेश को सशक्त बना रही है।
निवेश प्रोत्साहन, सुगम नीतियां और अनुकूल वातावरण के साथ मध्यप्रदेश बन रहा है औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र…@DrMohanYadav51 @Industryminist1 #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/hnaPurZxHR
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 18, 2026
मालूम हो कि एमपी सरकार ने मध्य प्रदेश के औद्योगिक सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। सरकार का फोकस निवेश आकर्षित करने, रोजगार बढ़ाने और राज्य को औद्योगिक हब बनाने पर रहा है। राज्य सरकार ने 2025 को ‘उद्योग और रोजगार का वर्ष’ घोषित किया, ताकि उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता दी जा सके।
साथ ही नई ‘औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025’ लागू की गई, जिसमें टेक्सटाइल, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, बायोटेक, रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस सेक्टर के लिए विशेष नीतियां बनाई गई हैं। सरकार ने अगले पांच सालों में 20 लाख रोजगार और औद्योगिक जीडीपी को 6 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
सीएम मोहन यादव ने डिजिटल ट्रांसमिशन कार्यक्रम में की शिरकत
उधर, पिछले दिनों एमपी के चीफ मिनिस्टर मोहन यादव ने जबलपुर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत समेत अन्य गणमान्य लोगों के साथ एक खास कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान सीएम मोहन ने कहा, ‘मध्य प्रदेश न्याय और संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है। आज जबलपुर में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के साथ मुलाकात की।’
सीएम ने आगे कहा, ‘केंद्रीय विधि एवं न्याय (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल और मप्र उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा के साथ ‘डिजिटल ट्रांसमिशन: पेपरलेस कानूनी प्रणाली को आगे बढ़ाना’ विषय पर आयोजित विधि व्याख्यान कार्यक्रम में विचार साझा किए। हमारे प्राचीन ग्रंथों में भारतीय न्याय परंपरा के कई महान उदाहरण मिलते हैं। आज न्याय व्यवस्था, लोकतंत्र और भारतीय मूल्यों के पुनर्जागरण का काल है।’






