Mohan Yadav: मोदी सरकार ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ को दी मंजूरी, सीएम मोहन ने जताया PM Modi का आभार; मध्य प्रदेश को होंगे कई फायदे

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए प्रदेशवासियों को बड़ी खुशखबरी दी। केंद्र की मोदी सरकार ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ को स्वीकृती दे दी है।

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Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार प्रदेश के किसानों का जीवन आसान बनाने के लिए लगातार जनकल्याणकारी परियोजनाओं को लागू कर रही है। साथ ही हर संभव मदद देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। ऐसे में केंद्र सरकार ने बीते दिन एक ऐसा निर्णय लिया है, जिससे एमपी के निवासियों को काफी फायदा मिल सकता है। एमपी के सीएम मोहन यादव ने बताया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय कैबिनेट ने 33660 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (BHAVYA) को स्वीकृति दी है।

CM Mohan Yadav ने पीएम मोदी का जताया आभार

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘इसके तहत देश भर में 100 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जो विश्वस्तरीय मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देते हुए ‘विकसित भारत’ बनाने के लक्ष्य को सशक्त आधार प्रदान करेंगे। इस दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार।’ मध्य प्रदेश को ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ यानी भव्या से प्रदेश विकास की नई गति पकड़ सकता है। इस दौरान प्रदेश की बुनियादी स्थिति को बेहतर करने पर ध्यान दिया जाएगा।

सीएम मोहन ने बताया, इस योजना के तहत 100 से 1000 एकड़ के इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए प्रति एकड़ 1 करोड़ रुपये तक सहायता दी जाएगी। भव्य योजना को राज्यों और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के तहत लागू किया जाएगा।

सीएम मोहन यादव ने बताई ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ की खास विशेषताएं

वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ की मुख्य विशेषताएं भी बताई। उन्होंने कहा, ‘डीरेगुलेशन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा, आसान मंजूरी प्रक्रिया और सिंगल-विंडो सिस्टम होगा। प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल सिस्टम, जिसमें पहले से मंजूर जमीन, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी जरूरी सेवाएं उपलब्ध होंगी। सड़क, बिजली-पानी, फैक्ट्री शेड, लैब, वेयरहाउस और श्रमिक आवास जैसे बुनियादी और सामाजिक ढांचे को समर्थन दिया जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर परियोजना लागत का 25% तक सहयोग मिलेगा। चैलेंज मोड के जरिए परियोजनाओं का चयन, ताकि उच्च गुणवत्ता और निवेश के लिए तैयार प्रस्तावों को प्राथमिकता मिले।

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