Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य के गरीब, युवा, किसान और महिला वर्ग की प्रगति के लिए दिन-रात कार्य कर रही है। इन सभी की उन्नति से ही प्रदेश का विकास होगा। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार इसी संकल्प के साथ प्रदेश के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास की ओर अपने कदम बढ़ा रही है। ऐसे में एमपी सरकार ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को काफी प्राथमिकता के साथ बढ़ा रही है। डबल इंजन की सरकार इस अभियान को काफी गंभीरता के साथ चला रही है।
मोहन यादव सरकार ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के लिए उठाए हैं कई कदम
‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के संबंध में बात करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक मार्गदर्शन में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से मध्य प्रदेश में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जा रहा है। जल ही जीवन है, और जल संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।’
मालूम हो कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ राज्य सरकार का एक बड़ा जल संरक्षण अभियान है, जिसका उद्देश्य पानी बचाना, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से प्रदेश के सूख रहे तालाब, कुएं और नदियों को पुनर्जीवित करना मुख्य मकसद है। साथ ही राज्य का भूजल स्तर बढ़ाना, वर्षा जल का अधिक से अधिक संग्रह करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी दूर करना जैसे लक्ष्यों को पूरा किया जाएगा।
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के प्रेरक मार्गदर्शन में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से मध्यप्रदेश में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाया जा रहा है : CM @DrMohanYadav51 @minmpwrd #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान_MP #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/AVcSwsFbP8
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 5, 2026
मोहन यादव सरकार ने इस मिशन को बनाया राज्यव्यापी
बता दें कि एमपी की मोहन यादव सरकार ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत अब तक कई कदम उठाए हैं। एमपी सरकार ने इस मिशन को राज्य स्तर पर काफी तेज किया है। यह अभियान सभी 55 जिलों में चलाया जा रहा है। हर जिले में प्रभारी मंत्री और कलेक्टर इसकी निगरानी कर रहे हैं। एमपी सरकार ने इस मिशन के लिए करीब 2500 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। लगभग 100 से अधिक दिनों से लगातार काम किया जा रहा है। सरकार ने इस मिशन के तहत पर्यावरण और हरियाली को बेहतर करने के लिए लाखों पौधों का रोपण और जल स्रोतों के आसपास हरित क्षेत्र विकसित किया है।






