Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार राज्य में बहुमुखी विकास कार्य कर रही है। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में एमपी सरकार सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को पेश कर रही है। ऐसे में एमपी सरकार प्रदेश में दिव्यांगजनों के सम्मान के लिए भी पूर्ण पतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में निशक्तजनों को सशक्त बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। ऐसे में बीते 2 सालों के दौरान दिव्यांगजनों को भी राज्य के विकास में शामिल करने का प्रयास किया गया है।
सीएम मोहन यादव दिव्यांगजनों को बना रहे सशक्त
विकसित समाज वही होता है, जहां पर देश के विकास में दिव्यांगजनों की भी समान और अहम भूमिका हो। ऐसे में समावेशी विकास ही सशक्त मध्य प्रदेश की पहचान बन गया है। एमपी में मोहन यादव सरकार ने दिव्यांगजनों की भलाई के लिए शिक्षा और संवाद के क्षेत्र में शानदार कार्य किया है। एमपी सरकार के इन प्रयासों के बदौलत ही अब सभी निशक्तजनों के लिए शिक्षा आसान हो गई है। एमपी सरकार विकास की हर यात्रा में पूरी संवेदनशीलता के साथ निशक्तजनों को आगे लेकर बढ़ रही है।
समावेशी विकास ही सशक्त मध्यप्रदेश की पहचान है…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में दिव्यांगजनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
विकास की हर यात्रा में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ नि:शक्तजनों के साथ खड़ी है।@DrMohanYadav51 @MSJEGOI… pic.twitter.com/bciokbngPY
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 4, 2026
मोहन यादव सरकार ने निशक्तजनों के विकास के लिए उठाए हैं कई कदम
बीजेपी की अगुवाई वाली एमपी सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एजुकेशन सेक्टर में बेहतर सपोर्ट कर रही है। मोहन यादव सरकार ने अनुदान प्राप्त विशेष स्कूलों में 168 स्मार्ट क्लास तैयार किए गए हैं। साथ ही सुनने में परेशानी वाले छात्रों के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से लाइव इंटरप्रिटेर की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा, दृष्टिबाधित छात्रों के लिए रेल लिपि में बुकलेट उपलब्ध कराई गई है।
एमपी सरकार ने 2589 दिव्यांगजनों को प्रदेश के शासकीय पदों पर नियक्त किया है। साथ ही 158297 यूडीआईडी कार्ड तैयार किए गए। एमपी सरकार ने 6.52 करोड़ रुपये दिव्यांगजनों की सहायता के लिए जारी किए। एमपी सरकार ने 1.52 लाख हितग्राहियों को विवाह सहायता प्रदान की है। डबल इंजन की सरकार ने 32.40 करोड़ रुपये स्पेशल सहायता के जरिए 1620 कल्याणायियों को लाभ दिया गया है।






