Maharashtra Politics: क्या फिर ‘शिवसेना’ के होंगे टुकड़े, उद्धव ठाकरे संग बगावत की आहट के बीच दिल्ली दौड़े संजय रावत, जानिए लेटेस्ट अपडेट

Maharashtra Politics: क्या उद्धव ठाकरे की शिवसेना में एक बार फिर दरार आ गई है। आइए जानते हैं पार्टी को बचाने के लिए किस कदर मेहनत कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे के बागी सांसदों ने क्यों गुस्से में हैं क्या अपनी पार्टी को बचा पाएंगे उद्धव ठाकरे आइए जानते हैं।

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Photo Credit- Google Maharashtra Politics

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक लेटेस्ट सियासी भूचाल ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। जहां कहा जा रहा है कि एक बार फिर से शिवसेना टूट सकती है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी में बगावत को लेकर चर्चा जोरों पर है जिसे ऑपरेशन टाइगर का नाम दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि 6 सांसद स्पीकर ओम बिरला से मिलने वाले हैं तो वहीं इस सबके बीच बातचीत को अंजाम देने के लिए संजय राउत पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं इस सबके बीच आइए जानते हैं आखिर लेटेस्ट अपडेट क्या है। क्या शिवसेना को टूटने से बचा पाएंगे।

कैसे Maharashtra Politics में उद्धव ठाकरे के साथ हुआ खेला

उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) के लोकसभा सांसदों में एक बड़ी बगावत होने की आशंका है। जिसके तहत एकनाथ शिंदे की शिवसेना में 6 सांसद आ सकते हैं। खबरें हैं कि उद्धव गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं और उन्होंने एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी की है। अगर किसी पार्टी के सांसद टूटकर अलग ग्रुप बनाना चाहते हैं तो उन्हें कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत की जरूरत होती है। अगर ये 6 सांसद एक साथ अलग गुट बनाते हैं या शिंदे गुट में मिलते हैं तो इनकी सांसदी बची रहेगी।

क्या शिवसेना (UBT) को टूटने से बचा पाएंगे उद्धव ठाकरे

रिपोर्ट की बात करें अपनी पार्टी को दोबारा टूटने से बचाने के लिए उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने पूरी ताकत झोंक दी है।
पार्टी ने सभी सांसदों को दिल्ली में एक ज़रूरी मीटिंग के लिए ‘व्हिप’ जारी किया है जिसका मतलब है कि सभी सांसदों को इस मीटिंग में आना अनिवार्य है। वहीं शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है जहां कहा गया कि अगर उद्धव गुट का कोई भी सांसद अलग ग्रुप बनाने का दावा पेश करे तो उसे मान्यता न दी जाए।

क्यों पार्टी में आई दरार

राजनीतिक गलियारों और सूत्रों के मुताबिक इन सांसदों की नाराजगी की वजह यह है कि उद्धव ठाकरे शिवसेना के स्थापना दिवस 19 जून को अपने बेटे आदित्य ठाकरे को पार्टी में बड़ा पद या कमान सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में कई सांसद बगावत के लिए उतर गए हैं जहां एक तरफ उद्धव गुट बगावत को रोकने के लिए रास्ते अपना रहे हैं तो वहीं कहा जा रहा है कि बागी सांसदों के फोन बंद आ रहे है। बागी सांसद की लिस्ट में संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय जाधव का नाम है।

हालांकि आगे महाराष्ट्र पॉलिटिक्स में क्या मोड़ आता है और क्या वाकई उद्धव ठाकरे की शिवसेना टूट जाती है इस पर नजरें रहने वाली है।

 

 

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