CM Bhagwant Mann: हर बच्चे का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वह पढ़ाई अच्छी करें और उसका सपना पूरा हो सके। ऐसे में सीएम भगवंत मान बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए किसी भी तरह से तैयार नहीं है। जहां एक तरफ सरकारी स्कूल का कायाकल्प लगातार किया जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल पर भी लगातार नजर रखा जा रहा है। सीएम मान के मुताबिक शिक्षा बच्चों का अधिकार है इसे बिजनेस नहीं बनाया जा सकता है। हरपाल सिंह चीमा ने एक वीडियो को शेयर करते हुए इस बारे में अपनी राय देते हुए दिखे।
CM Bhagwant Mann ने मनमानी कर रहे स्कूल पर कसा लगाम
ਸਿੱਖਿਆ ਬੱਚਿਆਂ ਦਾ ਹੱਕ ਹੈ, ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਮਨਮਰਜ਼ੀ ਦਾ ਸਾਧਨ ਨਹੀਂ!
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਖ਼ਤ ਫ਼ੈਸਲੇ ਨਾਲ ਹੁਣ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਸਕੂਲ ਨਾ ਤਾਂ ਸਾਲਾਨਾ 5% ਤੋਂ ਵੱਧ ਫ਼ੀਸ ਵਧਾ ਸਕਣਗੇ ਅਤੇ ਨਾ ਹੀ ਕਿਸੇ ਖ਼ਾਸ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਕਿਤਾਬਾਂ ਜਾਂ ਵਰਦੀ ਖ਼ਰੀਦਣ ਲਈ ਮਜਬੂਰ ਕਰ ਸਕਣਗੇ। ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮਾਪਿਆਂ ਲਈ ਇਹ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਹੈ। pic.twitter.com/xnr2AHg6fV
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) August 13, 2026
सीएम भगवंत मान के मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, बिजनेस सनक का हथियार नहीं! मान सरकार के कड़े फैसले से अब प्राइवेट स्कूल न तो सालाना 5% से ज़्यादा फीस बढ़ा पाएंगे और न ही उन्हें किसी खास दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर कर पाएंगे। यह पंजाब के पेरेंट्स के लिए बड़ी राहत है।” वहीं अलग अलग रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम भगवंत मन की पहल से 32 लाख से ज्यादा पेरेंट्स को राहत की सांस मिली है जो कहीं ना कहीं हर साल बढ़ने वाले मनमानी फीस से परेशान थे।
प्राइवेट स्कूलों के लिए सीएम भगवंत मान से झटका
प्राइवेट स्कूल पर शिकंजा कसते हुए सीएम भगवंत मान ने यह नियम निकाला है कि पिछले 4 सालों में सीमा से अधिक जितनी भी स्कूल में फीस बढ़ाई गई है उनके एक्स्ट्रा पैसे पेरेंट्स को वापस किया जाए। यह उन सभी स्कूलों के लिए एक बड़ा झटका है जो बिना सोचे समझे फीस के नाम पर बिजनेस चला रहे थे। स्कूलों की मनमानी को पेरेंट्स बर्दाश्त कर रहे हैं। सीएम भगवंत मान उन सभी माता-पिता के लिए मसीहा हैं और वह आसानी से प्राइवेट स्कूल में पढ़ सकते हैं।
शिक्षा में क्रांति लाकर हर घर तक इसे पहुंचाना यही सीएम भगवंत मान का लक्ष्य है।







