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Punjab News: भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना से मोहाली के नाई की मुफ़्त घुटने की सर्जरी, फिर से काम पर लौटने की उम्मीद

Punjab News:एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद मोहाली के नाई मोहम्मद जुल्फुकर को लगने लगा था कि अब उनका रोज़गार छिन जाएगा। घुटने की गंभीर चोट के इलाज का ख़र्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था और उन्हें अपने परिवार के भविष्य की चिंता सताने लगी थी। लेकिन भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उन्हें मुफ़्त इलाज मिला और अब वे फिर से अपने पसंदीदा काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

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By: ROZY ALI

Published: जुलाई 4, 2026 10:56 अपराह्न

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Punjab News:एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद मोहाली के नाई मोहम्मद जुल्फुकर को लगने लगा था कि अब उनका रोज़गार छिन जाएगा। घुटने की गंभीर चोट के इलाज का ख़र्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था और उन्हें अपने परिवार के भविष्य की चिंता सताने लगी थी। लेकिन भगवंत मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उन्हें मुफ़्त इलाज मिला और अब वे फिर से अपने पसंदीदा काम पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

वर्षों से वे केवल बाल काटने वाले नाई ही नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों के भरोसेमंद साथी भी रहे हैं

हर सुबह, जब अधिकांश लोग अपने दिन की शुरुआत भी नहीं करते, मोहम्मद जुल्फुकर अपनी छोटी-सी नाई की दुकान खोलकर ग्राहकों का इंतजार करने लगते हैं। वर्षों से वे केवल बाल काटने वाले नाई ही नहीं, बल्कि अपने ग्राहकों के भरोसेमंद साथी भी रहे हैं। लोग उनसे बातचीत करने और बार-बार उनकी दुकान पर लौटने में अपनापन महसूस करते हैं। लेकिन कुछ समय पहले उनकी ज़िंदगी एक कठिन मोड़ पर आ गई।

एक दिन वे मोटरसाइकिल से जा रहे थे कि अचानक सड़क पर एक गाय आ गई। उसे बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर पड़े। उनकी एक टाँग मोटरसाइकिल के नीचे फँस गई और इंजन चालू होने के कारण वे कई मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए। एक घुटने पर हल्की चोटें आईं, लेकिन दूसरे घुटने में गंभीर चोट लगी, जिससे चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया।

उनका काम लंबे समय तक खड़े रहने की माँग करता था। दुर्घटना के बाद एक ग्राहक के बाल काटने तक के दौरान खड़े रहना उनके लिए कठिन हो गया और उन्हें डर सताने लगा कि कहीं वे अपना रोज़गार ही न खो दें।

उन्होंने कहा, “मैं हर दिन दर्द में रहता था। बार-बार यही सोचता था कि अगर मैं खड़ा नहीं हो पाया, तो काम कैसे करूँगा? और अगर काम नहीं कर पाया, तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा?”

सर्जरी का ख़र्च उनकी चिंता को और बढ़ा रहा था। इलाज महँगा था और उसके लिए पैसे जुटाना उनके लिए लगभग असंभव था। कई मेहनतकश परिवारों की तरह उन्हें भी डर था कि या तो कर्ज़ लेना पड़ेगा या इलाज टालना पड़ेगा।

उन्होंने बताया, “मैं बहुत परेशान था। दर्द तो था ही, लेकिन ऑपरेशन का ख़र्च उससे भी ज़्यादा डराने वाला था। समझ नहीं आ रहा था कि इतने पैसे कहाँ से आएँगे।”

उन्हें पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से राहत मिली। मोहाली (एस.ए.एस. नगर) के जिला अस्पताल में उनका एंटीरियर आर्थ्रोस्कोपिक मेनिस्कस रिपेयर/मेनिसेक्टॉमी ऑपरेशन किया गया। इस उपचार पर 53,455 रुपये का ख़र्च आया, जिसे योजना के तहत पूरी तरह वहन किया गया। इससे उन्हें बिना किसी आर्थिक चिंता के आवश्यक उपचार मिल सका।

मेरे इलाज का पूरा ख़र्च योजना के तहत होगा

उन्होंने कहा, “जब मुझे पता चला कि मेरे इलाज का पूरा ख़र्च योजना के तहत होगा, तो ऐसा लगा जैसे बहुत बड़ा बोझ उतर गया हो। कई महीनों बाद पहली बार मुझे उम्मीद की किरण दिखाई दी।”सर्जरी के बाद जुल्फुकर तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और जल्द ही अपनी दुकान पर लौटकर पहले की तरह मुस्कान और समर्पण के साथ ग्राहकों की सेवा करने की उम्मीद कर रहे हैं।उन्होंने कहा, “यह सोचकर बहुत ख़ुशी होती है कि मैं फिर से काम पर लौट सकूँगा। बाल काटना सिर्फ मेरा पेशा नहीं, बल्कि मेरे परिवार का सहारा है और लोगों से जुड़ने का माध्यम भी है। मैं आभारी हूँ कि मुझे यह अवसर मिला।”

समय पर मिला स्वास्थ्य उपचार किसी की ज़िन्दगी बदल सकता है

जुल्फुकर के लिए यह ऑपरेशन केवल घुटने का इलाज नहीं था। इससे उनका आत्मविश्वास लौटा, परिवार की आजीविका सुरक्षित हुई और उन्हें दुर्घटना के बाद अपनी जिंदगी फिर से संवारने का अवसर मिला, जो उनके करियर का अंत भी बन सकती थी।” आज उनकी दुकान पर आने वाला हर ग्राहक इस बात का प्रतीक है कि समय पर मिला स्वास्थ्य उपचार किसी की ज़िन्दगी बदल सकता है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, पंजाब के आंकड़ों के अनुसार, रिपोर्टिंग अवधि के दौरान मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 53.38 लाख रुपये की लागत से 190 ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाएँ की गईं। इनमें ओपन रिडक्शन इंटरनल फिक्सेशन, जो प्लेट, स्क्रू या रॉड की मदद से टूटी हुई हड्डियों को स्थिर करने की प्रक्रिया है, में 79 सर्जरी हुईं, जो कुल ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाओं का 41.6 प्रतिशत थीं। इन फ्रैक्चर फिक्सेशन सर्जरियों पर 16.75 लाख रुपये ख़र्च हुए, जो कुल लागत का लगभग 31.4 प्रतिशत है। प्रति मरीज़ औसत पैकेज मूल्य 21,209 रुपये रहा।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत फ्रैक्चर से संबंधित सर्जरियाँ ऑर्थोपेडिक उपचार की सबसे बड़ी श्रेणी बनकर उभरीं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने, कार्यस्थलों और खेल गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपाय अपनाने तथा बुजुर्गों को गिरने से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की।

मंत्री ने कहा, “योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अब एडवांस्ड सर्जिकल उपचार पूरी तरह मुफ़्त उपलब्ध है, लेकिन जन-जागरूकता और सुरक्षा उपाय अपनाकर अनेक गंभीर चोटों को रोका जा सकता है।” उन्होंने वाहन चालकों से हेलमेट और सीट बेल्ट पहनने, श्रमिकों से सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने, खिलाड़ियों से सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने तथा वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों से घरों में गिरने की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

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