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SYL Dispute को लेकर  CM खट्टर और CM मान की बैठक आज, केंद्रिय मंत्री के सामने रखेंगे अपना-अपना पक्ष

SYL Dispute : पंजाब और हरियाणा का सतलज यमुना लिंक नहर को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। एक बार फिर से केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से एक बार फिर से मीटिंग करेंगे। जिसमें CM खट्टर और CM मान अपना-अपना पक्ष रखते ...

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By: ROZY ALI

Published: जनवरी 4, 2023 11:36 पूर्वाह्न | Updated: जनवरी 4, 2023 12:29 अपराह्न

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SYL Dispute : पंजाब और हरियाणा का सतलज यमुना लिंक नहर को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। एक बार फिर से केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से एक बार फिर से मीटिंग करेंगे। जिसमें CM खट्टर और CM मान अपना-अपना पक्ष रखते हुए नजर आएंगे। ये महत्वपूर्ण मीटिंग दिल्ली में होगी।

सतलुज यमुना लिंक  मामले पर बड़ी अपडेट

आपको बता दें, सतलुज यमुना लिंक का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों को एक साथ बैठकर इस मामले को सुलझाने को कहा था लेकिन इन दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक असफल रही। जिसके बाद एक बार फिर से दोनों मुख्यमंत्री केन्द्रीयमंत्री के सामने अपना-अपना पक्ष रखेंगे। 19 जनवरी को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। पंजाब के मुख्यमंत्री इस मामले पर अपना रूख पहले से ही साफ कर चुके हैं। सीएम भगवंत मान स्पष्ट तौर पर कह चुके हैं कि, हरियाणा को देने के लिए राज्य के पास सरप्लस पानी नहीं है। इसके साथ ही आपको बता दें, हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को पंजाब सरकार खारिज कर चुकी है।

ये भी पढ़ें: PUNJAB में कानून को चुनौती देने वाले हो जाएं सावधान, उच्च स्तरीय बैठक में बोले CM BHAGWANT MAAN

40 सालों से चल रहा है विवाद

आपको बता दें, पंजाब और हरियाणा के बीच रावी और ब्यास नदी बहती हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश आबादी इन्हीं नहरों पर निर्भर है। पानी को लेकर इन दोनों राज्यों के बीच विवाद 1976 से चल रहा है। ये मामला इतना बड़ा है कि, 24 मार्च 1976 को केंद्र सरकार ने पानी के बंटवारे को लेकर अधिसूचना जारी की थी लेकिन इन दोनों राज्यों के बीच चल रहे विवाद के कारण ये मामला सुलझ नहीं सका।

CM खट्टर और CM मान केन्द्रीय मंत्री के सामने रखेंगे अपना पक्ष

5 साल बातचीत के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 8 अप्रैल 1982 को पंजाब के पटियाला जिले के कपूरई गांव में सतलज-यमुना लिंक नहर का उद्घाटन तो कर दिया था लेकिन विवाद के चलते 40 सालों में ये नहर नहीं बन सकी। इस नहर का विवाद इसलिए बढ़ा हुआ है क्योंकि इसका 122 किमी हिस्सा पंजाब और 92 किमी हिस्सा हरियाणा में है। ऐसे में इन दोनों राज्यों में इस नहर के पानी को लेकर अभी तक कोई भी सहमति नहीं बन सकी है। एक बार फिर से आज हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के सामने अपना-अपना पक्ष रखेंगे।

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