Ramdas Athawale: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के साथ जबरदस्त खेला हुआ और उनके ज्यादातर सांसदों ने बगावत का रास्ता चुना है। शिवसेना यूबीटी में खेला हुआ है और कहा जा रहा है कि 9 सांसदों में से 6 ने उद्धव का साथ छोड़ एकनाथ शिंदे को ज्वाइन करने का फैसला लिया है। वहीं इस सबके बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इस पर तंज किया है और इशारों इशारों में यह कह दिया कि 2019 में उद्धव ठाकरे ने गलती की थी जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। आखिर रामदास अठावले ने महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर ऐसा क्या बोला जो चर्चा में है।
Ramdas Athawale ने उद्धव ठाकरे की किस गलती का किया जिक्र
#WATCH | Delhi | On the statement of Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut, Union Minister Ramdas Athawale says, “…It’s becoming difficult for Uddhav Thackeray to manage his MLAs and MPs because he made a mistake in 2019… In 2019, it was necessary for him (Uddhav Thackeray) to… pic.twitter.com/OMIiQ0QS2a
— ANI (@ANI) June 18, 2026
महाराष्ट्र के केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने शिवसेना (UBT) में फूट की अटकलों को लेकर बात करते हुए कहा कि “उद्धव ठाकरे के लिए अपने विधायकों और सांसदों को संभाल पाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि उद्धव ठाकरे ने 2019 में गलती की थी।b2019 में आवश्यकता थी कि वे (उद्धव ठाकरे) देवेन्द्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के लिए समर्थन देते। उनका उपमुख्यमंत्री भी बन सकता है। 9 सांसदों में से 6 सांसद एकनाथ शिंदे के साथ आए हैं। इससे हमारी एनडीए की ताकत और महाराष्ट्र में महायुति की ताकत बढ़ गई है।” निश्चित ही रामदास अठावले के मुताबिक पार्टियों में फूट एनडीए के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं।
दो तिहाई बहुमत का रामदास अठावले ने क्यों किया जिक्र
महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक हलचल के बीच रामदास अठावले ने कहा कि “एक बहुत अच्छी बात यह हुई है कि DMK ने कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी के भी कई सांसद हमारे साथ आ गए हैं, आम आदमी पार्टी के भी जो लोकसभा सदस्य हैं, वह भी हमारे साथ जुड़ सकते हैं… मोदी सरकार द्वारा महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) से जुड़े परिसीमन विधेयक पास किया जाना है, वह पास होगा और मुझे लगता है कि हमारे पास इस बार दो-तिहाई बहुमत हो सकता है।”
निश्चित तौर पर अठावले के इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है। देखना दिलचस्प होने वाला है कि क्या वाकई उद्धव ठाकरे को बागी सांसदों से झटका मिलता है।
