रविवार, जून 23, 2024
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Returning Officer: चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर कौन होता है? क्या पीएम का नामांकन स्वीकार करते समय उसको खड़ा होना चाहिए

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Returning Officer: पीएम नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। मालूम हो की पीएम मोदी ने 14 मई 2024 को अपना नामांकन दाखिल किया था। इसी दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन के दौरान एक फोटो वायरल हो रहा था जिसमे प्रधानमंत्री मोदी के सामने रिटर्निंग ऑफिसर बैठा था और पीएम मोदी हाथ जोड़ कर खड़े थे। इसके बाद फोटो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल होने लगा था। चलिए आपको बताते है उस रिटर्निंग ऑफिसर के बारे में कि आखिर वह देश के प्रधानमंत्री के सामने खड़ क्यो नहीं हुआ।

कौन होता है रिटर्निंग ऑफिसर

आपको बता दें कि जिला के डीएम ही मुख्य रूप से रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका निभाते है। वाराणसी के डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी एस राजलिंगम ने ही पीएम मोदी के नामांकन पत्र को स्वीकार किया था। चुनाव आयोग द्वारा हर जिले का रिटर्निंग ऑफिसर चुना जाता है। चुनाव शुरू होने से लेकर विजयी उम्मीदवार को पत्र सौपने तक यह पूरा कार्यभार जिला निर्वाचन अधिकारी के हाथ में ही होता है। सारी जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की ही होती है।

रिटर्निंग ऑफिसर खड़े क्यो नही होते है?

मालूम हो कि चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के बाद आचार संहिता लागू हो जाती है। देश में आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी नेता को वीआईपी ट्रीटमेंट की सुविधा नही प्रदान की जाती है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि मात्र रिटर्निंग ऑफिसर ही ऐसा व्यक्ति होता है जिसपर किसी भी प्रकार का आदेश काम नहीं करता है और वह स्वतंत्र होता है किसी भी निर्णय लेने के लिए।

वाराणसी में 1 जून को होगा मतदान

वाराणसी में लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण यानि 1 जून को मतदान होना है। पीएम मोदी ने तीसरी बार यहां से नामांकन दाखिल किया है। वहीं पीएम के खिलाफ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं चुनाव के नतीजे की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा 4 जून को की जाएगी।

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