Akhilesh Yadav: देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में चुनाव भले ही 2027 में हो, लेकिन यहां सियासी सरगर्मी अभी से शुरू है। बीते कल विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही का समापन हुआ। इस दौरान तमाम बयानों का दौर देखने को मिला। इसमें एक प्रमुख बयान सपा एमएलसी राजेन्द्र चौधरी का भी रहा जो अखिलेश यादव को पुन: सीएम बनाने का संकल्प लेते नजर आए।
सपा एमएलसी राजेन्द्र चौधरी ने पूर्ण विश्वास के साथ विधानसभा में उस तारीख का भी ऐलान कर दिया जब अखिलेश यादव यूपी के नए सीएम के रूप में शपथ लेंगे। सपा एमएलसी के इस दावे को लेकर सनसनी सी मची है और सियासी गलियारों में चर्चा का दौर जारी है।
सपा एमएलसी ने बताई Akhilesh Yadav के शपथग्रहण की तारीख!
तमाम सियासी उठा-पटक और बयानबाजी के बीच सपा एमएलसी राजेन्द्र चौधरी ने बड़ा दावा किया है।
“15 मार्च 2027 को UP CM पद की शपथ लेंगे अखिलेश यादव”
◆ UP विधानसभा में सपा एमएलसी राजेन्द्र चौधरी ने कहा@yadavakhilesh | #AkhileshYadav | UP CM | UP Assembly | Rajendra Chaudhary pic.twitter.com/J11O2apWqe
— News24 (@news24tvchannel) February 21, 2026
विधानसभा में अपने हिस्से का पक्ष रखते हुए सपा एमएलसी ने कहा कि 15 मार्च 2027 को अखिलेश यादव यूपी के नए सीएम के रूप में शपथ लेंगे। राजेन्द्र चौधरी के इस बयान को लेकर सियासी सनसनी सी मच गई है और प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। दरअसल, बीजेपी 2027 में तीसरी बार यूपी की सत्ता में वापसी को लेकर प्रयासरत है।
इस क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर 2027 का चुनाव भी लड़ा जा सकता है। हालांकि, 2017 से यूपी की सत्ता से बाहर सपा भी अबकी बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसी क्रम में सपा एमएलसी ने बुलंद आवाज में अखिलेश यादव के शपथग्रहण की नई तारीख का ऐलान किया है।
यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम!
अखिलेश यादव अभी दिल्ली की सियासत कर रहे हैं। हालांकि, उनकी नजरें पूरी तरह से लखनऊ पर टिकीं हैं। अगले वर्ष मार्च में यूपी विधानसभा के चुनाव होने हैं। विधानसभा चुनाव होने में अभी पूरे एक साल का समय है। हालांकि, बात यूपी की है तो सियासी सरगर्मियां अभी से शुरू हैं। यही वजह है कि विधानसभा में बयानों का दौर देखने को मिला। कन्नौज लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हुए अखिलेश यादव भले ही संसद में पहुंच हैं।
हालांकि, वे यूपी को लेकर बेहद गंभीर हैं। कोई एक ऐसा मौका सपा मुखिया के हाथ से नहीं निकलता जब वे योगी सरकार को निशाने पर लेने से चूक जाएं। अखिलेश यादव की सपा पूरी तरह से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। दूसरी ओर बीजेपी है जो लगातार तीसरी बार यूपी की सत्ता में आने को प्रयासरत है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि बयानबाजी का ये दौर कब तक चलता है और यूपी का किला कौन फतह करता है।






