CM Yogi Adityanath: यूपी की तस्वीर बदलने के लिए प्रयासरत योगी सरकार तरह-तरह की नीतियों पर काम कर रही है। सूबे में निवेश को गति दी जा रही है, ताकि अर्थव्यवस्था मजबूत हो और संभावनाओं के द्वार खुलें। इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पारंपरिक हुनर को भी नई पहचान देने का काम कर रही है।
इस प्रयास को रफ्तार देते हुए राजधानी लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क व खादी एक्सपो का आयोजन किया गया है। ये आजोन 2 मार्च 2026 तक जारी रहेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य हुनर को सम्मान और पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा देना है। योगी सरकार इसमें सफल होती भी नजर आ रही है।
हुनर को सम्मान और पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा दे रही CM Yogi Adityanath की सरकार!
योगी सरकार प्रदेश के हुनर को सम्मान देने के साथ पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा भी दे रही है। इसमें सिल्क, हैंडलूम और खादी जैसे वस्तुओं को बढ़ावा देना शामिल है। दुर्लभ हो चुकी कला को एक्सपो के माध्यम से प्रदेश स्तर पर प्रदर्शित करने का मौका देना सराहनीय कदम है। ये प्रयास योगी सरकार द्वारा किया गया है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के नेतृत्व में लखनऊ में हैंडलूम, सिल्क एवं खादी एक्सपो का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य हमारे कुशल बुनकरों को एक सशक्त विपणन मंच उपलब्ध कराना तथा उनके स्वदेशी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। pic.twitter.com/1WGOUMwZdh
— Information and Public Relations Department, UP (@InfoDeptUP) February 19, 2026
राजधानी लखनऊ में इसी क्रम में एक्सपो का आयोजन किया गया है जि 2 मार्च तक चलेगा। इस एक्सपो में यूपी के विभिन्न जनपदों से आने वाले 60 से अधिक स्टॉल लगाए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में ही संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार योजना के अंतर्गत 39 बुनकरों को सम्मानित भी किया है। इस पहल के तहत सरकार पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
अवसरों के नए द्वार खोल रही योगी सरकार!
सूबे की राजधानी में एक्सपो का आयोजन कर योगी सरकार अवसरों के तमाम नए द्वार खोल रही है। जिस एक्सपो में यूपी के विभिन्न जनपदों से 60 स्टॉल लगे हों, वहां का उत्पाद भी अलग होगा। इन उत्पादों को एक मंच देकर सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार बुनकरों, हथकरघों व पारंपरिक उद्योग में शामिल अन्य लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। इससे जहां एक ओर पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।






